fact that the virus is leaking

वायरस के लैब से लीक होने की बात एक राजनीतिक चाल है

वायरस के स्रोत की जांच करने का काम राजनीति से प्रेरित है।डब्ल्यूएचओ हेल्थ इमरजेंसी प्रोग्राम के कार्यकारी निदेशक माइकलरयान ने हाल में एक न्यूज ब्रीफिंग में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की तरफ से अमेरिकी नेताओं द्वारा एक बार फिर से फैलायी गयी अफवाह की आलोचना की। हास्यास्पद बात यह है कि अमेरिका में कई रानेताओं और मीडिया संस्थाओं ने चीन पर कीचड़ उछालने की हरसंभव कोशिश की। वायरस की उत्पत्ति की जांच एक वैज्ञानिक अनुसंधान है। क्या खुफ़िया अधिकारियों के पास वैज्ञानिक जानकारी है? विश्व के विशेषज्ञों ने बीते एक साल में वायरस की उत्पत्ति के बारे में जानकारी हासिल नहीं की, क्या खुफिया अधिकारी 90 दिनों में इस की जांच कर पाएंगे?

अमेरिकी जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर कवानाघो ने हाल में एक साक्षात्कार में कहा कि यदि किसी उपाय से दुनिया में चीन को बदनाम किया जा सकता है तो अमेरिका सरकार ऐसा करने की हरसंभव कोशिश जरूर करेगी। पिछले एक साल में चीन ने सर्वप्रथम महामारी पर काबू किया और आर्थिक पुनरुत्थान को साकार किया। साथ ही चीन ने विश्व को 30 करोड़ वैक्सीन की खुराक प्रदान करने का वचन दिया, जिसे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की व्यापक प्रशंसा मिली है। इसके विपरीत वैक्सीन राष्ट्रवाद से अमेरिका सरकार की आलोचना हुई। अमेरिकी लिंडसे समूह के वरिष्ठ सलाहकार जोसेफसुलिवन ने हाल में एक लेख में अमेरिका सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका फर्स्ट की नीति विश्व में मुश्किलें पैदा कर रही है। 

(साभार---चाइना मीडिया ग्रुप,पेइचिंग)

Live TV

-->

Loading ...