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“अमेरिकी लोकतंत्र के बारे में दस प्रश्न” शोध रिपोर्ट जारी

चीनी रनमिन विश्वविद्यालय के छोंगयांग वित्त अनुसंधान संस्थान ने 6 दिसंबर को “अमेरिकी लोकतंत्र के बारे में दस प्रश्न” शीर्षक शोध रिपोर्ट जारी की और इसके बारे में एक संगोष्ठी का आयोजन किया। लांच रस्म और संगोष्ठी में चीन में अमेरिका सहित 30 देशों के दूतावास के प्रतिनिधियों, पेइचिंग में 20 से अधिक विदेशी तथा 40 से अधिक चीनी मीडिया के पत्रकारों ने भाग लिया। “अमेरिकी लोकतंत्र के बारे में दस प्रश्न” शीर्षक शोध रिपोर्ट कुल 23 हज़ार शब्दों की है, जिसमें कई अमेरिकी सांस्कृतिक सामग्रियों के विश्लेषण के माध्यम से अमेरिकी प्रणाली अभ्यास, राष्ट्रीय शासन, सामाजिक स्थिति, मानवाधिकार और स्वतंत्रता, अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव आदि पहलुओं से अमेरिकी लोकतंत्र के बारे में दस प्रश्न उठाए जाते हैं। 

इन दस प्रश्नों ने अमेरिकी लोकतंत्र द्वारा देश के भीतर सामाजिक अव्यवस्था पैदा होने, लोगों की पीड़ा को गहराने, विदेशों में आपदा और उथल-पुथल बनाने, तथा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को नष्ट करने को लेकर चिंता और आलोचना की। रिपोर्ट ने कहा कि लोकतंत्र सभी देशों के लोगों का अधिकार है, व्यक्तिगत देश का पेटेंट नहीं। किसी भी देश के लिए 'लोकतंत्र' की परिभाषा या मॉडल पर अपना एकाधिकार घोषित करना बेतुका है। दुनिया में एकमात्र महाशक्ति के रूप में अमेरिका ने इतिहास में पहले एक आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्था लागू की, और अमेरिकी लोगों ने भी लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए दीर्घकालिक संघर्ष किया है। 

हालांकि, हाल के वर्षों में अमेरिकी लोकतंत्र धीरे-धीरे बदल गया है, जो कुछ लोगों के लिए आंतरिक रूप से व्यक्तिगत लाभ प्राप्त करने, मानवाधिकारों का उल्लंघन करने, सामाजिक फाड़ करने और बाहरी रूप से अमेरिका के आधिपत्य बनाए रखने, दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने, और अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को नष्ट करने की आड़ और बहाना बन चुका है। अमेरिकी लोकतंत्र के बारे में दस प्रश्नों में पहला प्रश्न है कि क्या अमेरिकी लोकतंत्र बहुमत का लोकतंत्र है या अल्पसंख्यक का लोकतंत्र है? दूसरा प्रश्न, क्या अमेरिकी लोकतंत्र शक्ति के नियंत्रण और संतुलन को प्राप्त करता है या सत्ता के दुरुपयोग की ओर ले जाता है? तीसरा प्रश्न, क्या अमेरिकी लोकतंत्र लोगों की भलाई को बढ़ाता है या उनकी पीड़ा को गहरा करता है?

चौथा प्रश्न, क्या अमेरिकी लोकतंत्र स्वतंत्रता की रक्षा करता है या स्वतंत्रता में बाधा डालता है? पांचवां प्रश्न, क्या अमेरिकी लोकतंत्र मानवाधिकारों की रक्षा करता है या मानवाधिकारों का उल्लंघन करता है? छठा प्रश्न, क्या अमेरिकी लोकतंत्र एकता को बढ़ावा देता है या विभाजन का कारण बनता है? सातवां प्रश्न, क्या अमेरिकी लोकतंत्र सपनों को प्राप्त करता है या बुरे सपने लाता है? आठवां प्रश्न, क्या अमेरिकी लोकतंत्र राष्ट्रीय शासन में सुधार करता है या संस्थागत विफलता की ओर ले जाता है? नौवां प्रश्न, क्या अमेरिकी लोकतंत्र दूसरे देशों में विकास और समृद्धि लाता है या आपदा और उथल-पुथल पहुंचाता है? 

दसवां प्रश्न, क्या अमेरिकी लोकतंत्र विश्व शांति और विकास को बनाए रखता है या अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को नष्ट करता है? इस रिपोर्ट ने बल देते हुए कहा कि लोकतंत्र सभी मानव जाति का समान मूल्य है। दुनिया में लोकतंत्र का कोई एकाधिकार मॉडल नहीं है। लोकतंत्र समृद्ध और विविध है, जो सभी देशों के लोगों द्वारा स्वतंत्र रूप से चुना गया एक विविध मार्ग है, न कि जबरन तरीके से थोपने वाला एकमात्र रास्ता है। अमेरिकी सरकार तथाकथित “लोकतंत्र शिखर सम्मेलन” का आयोजन करेगी, हमारा सुझाव है कि वह खुद से उपरोक्त दस प्रश्न पूछे।
( साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग )

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