Tata group, SpiceJet, Air India

टाटा ग्रुप अथवा स्पाइसजेट की होगी सरकारी विमानन कंपनी Air India

नई दिल्लीः सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया को खरीदने के लिए अब केवल टाटा ग्रुप और प्राइवेट एयरलाइन स्पाइसजेट ही कतार में बचे हैं। अन्य कंपनियों के आवेदन खारिज हो चुके हैं। इस मामले से वाकिफ सूत्रों के मुताबिक, अन्य कंपनियों के एक्सप्रैशन ऑफ इंटरैस्ट (EOI) मूल्यांकन के स्तर पर खारिज हो चुके हैं। एयर इंडिया को खरीदने के लिए कई कंपनी ने EOI दाखिल की थी।

सूत्रों के मुताबिक, एयर इंडिया के ट्रांजैक्शन एडवाइजर इच्छुक खरीदारों के सम्पर्क में हैं। ट्रांजैक्शन एडवाइजर इच्छुक खरीदारों के प्रश्नों का जवाब दे रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि सरकार के संतुष्ट होने के बाद ही योग्य खरीदारों को सूचना दी जाएगी। टाटा संस और स्पाइसजेट के अलावा टाटा संस और न्यूयॉर्क के इंटरप्स इंक का जॉइंट वैंचर भी एयर इंडिया को खरीदने का इच्छुक है। इटरप्स इंक अमरीका और यूरोप के नॉन रैजिडैंट इंडियन (एनआरआई) निवेशकों का ग्रुप है।

कई कंपनियों ने किया था आवेदन 
एयर इंडिया को खरीदने के लिए कई कंपनियों ने EOI जमा की थी। डिपार्टमेंट ऑफ इन्वैस्टमैंट एंड पब्लिक एसैट मैनेजमैंट (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने यह जानकारी दी थी। एयर इंडिया की बिक्री की प्रक्रिया को 2 चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में इच्छुक कंपनियों की ओर से EOI मांगे गए हैं। योग्यता के आधार पर इनमें से सफल EOI का चयन किया जाएगा। दूसरे चरण में सफल खरीदारों को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) दिया जाएगा।

एयर इंडिया के कर्मचारियों ने भी किया था आवेदन 
सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया को खरीदने के लिए इसके 209 पूर्व कर्मचारियों के ग्रुप ने भी आवेदन किया था। इसके अलावा एस्सार ग्रुप, पवन रुइया की कंपनी डनलप और फाल्कन टायर्ज ने भी एयर इंडिया को खरीदने के लिए EOI जमा की थी। वित्त वर्ष 2020-21 में इसका घाटा 10,000 करोड़ रुपए होने की आशंका है। जिससे कंपनी का वैल्यूएशन घट सकता है। इससे एयर इंडिया को बेचने में सरकार को और दिक्कत हो सकती है।

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