Spreading lies in the name of public opinion is shameful

जनमत के नाम पर झूठ फैलाना शर्मनाक है

अमेरिकी मशहूर मीडिया ब्लूमबर्ग और जनमत सर्वेक्षण संस्थान प्यू रिसर्च सेंटर ने हाल ही में दो जनमत सर्वेक्षण के परिणाम जारी किये। ब्लूमबर्ग का निष्कर्ष है कि अमेरिका वैश्विक कोविड-19 महामारी के मुकाबले में अमेरिका का प्रदर्शन सबसे अच्छा है, जबकि प्यू का निष्कर्ष है कि चीन की अंतरराष्ट्रीय छवि नकारात्मक है और अमेरिका की छवि सुधर रही है। पूरे विश्व के मीडिया की नजर में ये दोनों जनमत सर्वेक्षण के परिणाम हास्यास्पद है।
 
ब्लूमबर्ग ने आंकने के नियम बदलकर अमेरिका को पहले स्थान पर रखा, जिसे पूरे विश्व की आलोचना मिली। प्यू सिसर्च केंद्र ने जो सर्वे किया, उसमें सिर्फ 17 विकसित आर्थिक समुदाय शामिल थे ।यह पूछना स्वाभाविक है कि क्या 17 देश व क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय समुदाय का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं ।
 
पश्चिमी देशों में अधिकांश मीडिया निजी उद्यम हैं। वीडियो और राजनीतिक जगत के हित एक दूसरे से घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं ।कई पश्चिमी देशों के मुख्य मीडिया वास्तव में अमेरिका की अभिव्यक्ति के प्रभुत्व में पिघल गये हैं ।उन्होंने स्वतंत्र सोच करने की क्षमता खो दी है ।
 
ब्लूमबर्ग और प्यू रिसर्च सेंटर जैसे मीडिया व संस्थान अमेरिका के लोकमत युद्ध का एक हिस्सा बन चुका है। उनका उद्देश्य अमेरिकी व्यवस्था की सुरक्षा करना है। लेकिन विश्व में अधिकाधिक लोग उनके असली इरादा को समझ गये हैं ।ऐसे संस्थान सिर्फ अपने ब्रैंड को बर्बाद कर रहे हैं ।(साभार---चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

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