Corona curfew

कोरोना कर्फ्यू में सहारा बनी सामाजिक सुरक्षा पेंशन

वैश्विक महामारी कोविड के संकटकाल में सामाजिक सुरक्षा पैंशन गरीब, निर्धन तथा वृद्वजनों के लिए मददगार साबित हुई है। इन लोगों को अप्रैल माह  से लेकर जून माह तक की अग्रिम सामाजिक सुरक्षा पैंशन प्रदान कर उनके दुख दर्द हरने का प्रयास सरकार ने किया है। कोरोना कर्फ्यू के दौरान ही कांगड़ा जिला में सामाजिक सुरक्षा पैंशन के 1 लाख 31 हजार 750 सभी पात्र लोगों को करीब 48 करोड़ 17 लाख रुपए की सामाजिक सुरक्षा पैंशन की पहली किश्त अप्रैल से जून माह तक सीधे खातें में स्थानंतरित भी कर दी गई है।  ताकि कोरोना काल के दौरान किसी भी निर्धन, गरीब और वृद्वजन के लिए दिक्कत नहीं आए। 

यही नहीं जिला में अप्रैल माह में कोरोना कर्फ्यू के दौरान अप्रैल माह में 10 हजार 494 नए पात्र लोगों के लिए सामाजिक सुरक्षा पैंशन भी स्वीकृत की गई है जिसमें 8511 को वृद्वावस्था पैंशन, 1448 को विधवापैंशन तथा 538 को दिव्यांग पैंशन स्वीकृत की गई है। प्रदेश में सत्तर वर्ष से ज्यादा आयुवर्ग के वृद्वजनों को 1500 रुपए प्रतिमाह पैंशन दी जा रही है। जबकि अन्य सभी को सामाजिक सुरक्षा पैंशन के तहत 850 रुपए की राशि प्रतिमाह दी जा रही है।  जिला कल्याण अधिकारी असीम ने बताया कि कांगड़ा में राष्ट्रीय वृद्वावस्था पैंशन योजना के तहत 23833 पात्र लोगों को पैंशन प्रदान की जा रही है। 

इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा वृद्वावस्था पैंशन के तहत 65693 लोगों को पैंशन प्रदान की जा रही है। जबकि राष्ट्रीय विधवा पैंशन योजना के तहत कांगड़ा में 4333 पात्र महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा पैंशन प्रदान की जा रही है। राज्य विधवा पैंशन योजना के तहत कांगड़ा में 22182 महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा पैंशन दी जा रही है। राष्ट्रीय दिव्यांग योजना के तहत 236 को तथा राज्य दिव्यांग पैंशन योजना के तहत 15357 को सामाजिक सुरक्षा पैंशन दी जा रही है।  उपायुक्त राकेश प्रजापति ने कहा कि कांगड़ा प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है तथा इसी दृष्टि से इस जिला में प्रदेश के सबसे ज्यादा सामाजिक सुरक्षा पैंशन के मामले भी स्वीकृत किए गए हैं और सभी लोगों को सीधे खातों में पैंशन स्थानंतरित की जा रही है ताकि किसी भी स्तर पर इन लोगों तक पैंशन पहुंचने में देरी नहीं हो तथा इन लोगों की मदद के लिए भी सरकार और प्रशासन द्वारा हरसंभव सहायता की जा रही है। 

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