Sianyang

चीन का प्राचीन शहर स्यांगयांग

स्यांगयांग शहर चीन के हूबेई प्रांत में स्थित है, जो कि चीन के प्राचीन शहरों में से एक है। प्राचीन होने के साथ-साथ यह आज के दौर में अर्थव्यवस्था का केंद्र भी है। वूहान के बाद प्रांत का दूसरे सबसे आकर्षक शहर माना जाता है। जो कि तीन शहरी ज़िलों से मिलकर बना है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ दें तो कुल 12 ज़िले हैं। 

यह हान च्यांग नदी के दक्षिणी छोर पर बसा है। शहर के आसपास इसकी लम्बाई सौ किमी. से ज़्यादा होगी। हालाँकि हान च्यांग नदी की कुल लम्बाई 1,577 किमी. है। पूरे क्षेत्र की खूबसूरती देखते ही बनती है। यह जहां तीन तरफ से पानी से घिरा है, वहीं एक तरफ से पहाड़ इस शहर को घेरे हुए हैं। यह शहर 19,700 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है, जो कि पेइचिंग से भी बड़ा बताया जाता है। 

इस बीच हमें स्यांगयांग शहर योजना प्रदर्शनी हॉल जाने का अवसर मिला।जहां हमने इस ऐतिहासिक शहर की विकास प्रकिया को गहराई से महसूस किया। प्राचीन काल में यह शहर पत्थर से बनी विभिन्न संरचनाओं के लिए जाना जाता था। प्रदर्शनी हॉल के भ्रमण के दौरान हमने पत्थरों से निर्मित औज़ार देखे। 

यहां पर एक प्रसिद्ध प्राचीन दीवार मौजूद है, जो कि ग्रेट वाल की तरह ही बाहरी आक्रमणकारियों से बचने के लिए इस्तेमाल की गयी। यह दीवार बेहद मजूबत है, जो कि उस काल में बड़े-बड़े आक्रमण को भी रोकने में सक्षम थी। साल 2001 में चीनी राज्य परिषद ने इस दीवार को महत्वपूर्ण सांस्कृतिक अवशेषों में से एक घोषित किया। कहना होगा कि नदी, दीवार व पहाड़ आदि के चलते श्यांगयांग का महत्व और ज्यादा हो जाता है।  

बताया जाता है कि पूर्व में यह सैन्य रणनीति के लिहाज से भी काफी अहम था, इस शहर की भौगोलिक स्थिति इसे और भी खास बना देती है। बताते हैं कि इस शहर पर हमला करना दुश्मनों के लिए मुश्किल होता था।

ऐतिहासिक दस्तावेज़ों के मुताबिक यह शहर पहली बार ईसा पूर्व 201 में पश्चिमी हान राजवंश के सम्राट गावती के शासन के छठे वर्ष में निर्मित किया गया। हालांकि इसके बाद के राजवंशों में भी इसका निर्माण जारी रहा। विशेष रूप से इसकी रक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर बहुत ध्यान दिया गया, जो कि उत्तर-पूर्व दिशा में कुछ किलोमीटर तक जारी रहा।
साभार ,अनिल आज़ाद पांडेय ,चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग