employees , Pay Commission

पंजाब वेतन आयोग की सिफारिशों से हिमाचल के कर्मचारियों को झटका

शिमला : करीब 5 सालों से पंजाब वेतन आयोग की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हिमाचल के कर्मचारियों को झटका लगा है। पंजाब वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की पंजाब सरकार की अधिसूचना लागू होने से जहां सरकार की चिंताएं बढ़ी हैं, वहीं प्रदेश में कई श्रेणी के कर्मचारियों को इससे नुकसान होगा। नुकसान का आकलन कर कर्मचारी सांसत में हैं। प्रदेश सरकार को भी पंजाब वेतन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने के लिए करीब 5500 करोड़ का सालाना अतिरिक्त बंदोबस्त करना होगा।

प्रदेश के कर्मचारियों का वेतनमान पंजाब वेतन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर होता है। बीते 5 साल से प्रदेश के करीब 2 लाख 7 हजार कर्मचारी बेसब्री से पंजाब वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे थे। चुनाव से कुछ महीने पहले पंजाब सरकार ने वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का फैसला लेते हुए इसे अधिसूचित कर दिया है। अधिसूचना जारी होने के बाद हिमाचल में कई श्रेणियों के कर्मचारियों की सांसें फूल गई हैं। वजह आयोग की सिफारिशों में इनके वेतन में आशानुरूप बढ़ोतरी के बजाय कमी होना मानी जा रही है। छठे पंजाब वेतन आयोग की सिफारिशों से राज्य सरकार की कई कर्मचारी श्रेणियों को इसमें नुक्सान हो रहा है जिसमें डाक्टर, शिक्षक, सचिवालय कर्मचारी प्रमुख हैं। लिहाजा वर्गो ने अपना विरोध जताना भी शुरू कर दिया है। चिकित्सकों ने पेन डाऊन हड़ताल आरंभ की है, तो सचिवालय के कर्मचारी भी विरोध कर रहे हैं। शिक्षकों को पहले ही रिवाइज्ड स्केल मिल चुका है लिहाजा उनको भी ज्यादा लाभ अब नहीं होगा। छठे पंजाब वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद 3 फीसदी वेतन बढ़ोतरी भी उन वरिष्ठ कर्मचारियों को नहीं दी जाएगी जिनका पे मैट्रिक्स लेवल अधिकतम हो जाएगा। यही नहीं 2011 से 2.25 और 2006 स्केल के लिए 2.59 गुणांक को यथावत रखा है जबकि पंजाब के कर्मचारी 3.01 गुणांक न देने से हड़ताल कर चुके हैं।

Live TV

-->

Loading ...