Chinese power

इन वाक्यों से विश्व शांति व विकास को बढ़ावा देने की चीनी शक्ति का एहसास करें

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 27 मार्च, 2014 को पेरिस के यूनेस्को मुख्यालय में भाषण देते हुए सभ्यताओं की आवाजाही और आपसी सबक लेने का सुझाव पेश किया और चीन के शांतिपूर्ण विकास की विचारधारा पर प्रकाश डाला। हालिया दुनिया भारी परिवर्तन का सामना कर रही है। महामारी और मौसम परिवर्तन जैसे गैर-परम्परागत सुरक्षा धमकी फैलती रही। शीत युद्ध विचारधारा और एकतरफावादी कार्रवाई ने विश्व शांति व स्थिरता और अनवरत विकास को भारी झटका दिया है। इधर के वर्षों में पेरिस से न्यूयार्क तक, जैनेवा से पेइचिंग तक चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने शांति का पक्ष लेने के चीनी विचारधारा को विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में प्रसार करने की कोशिश की। चीनी एक्शन विश्व शांति व स्थिरता के लिए निरंतर योगदान प्रदान करती रहती है।

इस साल अफगानिस्तान युद्ध की 20वीं वर्षगांठ, सीरियाई संकट की 10वीं वर्षगांठ और लीबियाई गृह युद्ध की 10वीं वर्षगांठ हैं। युद्धों ने उपरोक्त देशों के लोगों को भारी नुकसान पहुंचाया है। पिछले 7 वर्षों में, चाहे संयुक्त राष्ट्र संघ, जी-20 ग्रुप, शांगहाई सहयोग संगठन, ब्रिक्स देशों की शिखर भेंटवार्ता जैसे अहम बहुपक्षीय प्लेटफार्मों में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने चीन के शांतिपूर्ण विकास के रुख पर प्रकाश डाला है। उन्होंने कहा कि चीन दृढ़ता से शांतिपूर्ण विकास के रास्ते पर चलता रहेगा, चीन हमेशा ही विश्व शांति का निर्माता और रक्षक बनेगा। चीन ने “व्यापक विचार-विमर्श”, “साझा सहयोग” और “सहभागी लाभ” का सुझाव पेश किया। 

अति गरीबी, अनुचित वितरण, अनाज संकट, उग्र विचार, एकतरफावादी, शीत युद्ध विचारधारा आदि सब मुठभेड़ यहां तक युद्ध पैदा होने का मुख्य कारण है। शांति को धमकी देने वाले उपरोक्त तत्वों को मिटाने लिए हरेक देश के कर्तव्य हैं। विकास सभी समस्याओं को हल करने का अहम आधार है। विकास से शांति को बढ़ावा देना चीन के शांतिपूर्ण विचारधारा और यथार्थ कार्रवाई का अहम भाग है। चीन ने गरीबी उन्मूलन में उल्लेखनीय प्रगतियां हासिल कीं। बेल्ट एंड रोड, स्वास्थ्य रेशम मार्ग, डिजिटल रेशम मार्ग, हरित रेशम मार्ग आदि सहयोग इवेंटें आगे विकसित हो रही हैं, जिनसे विभिन्न देशों द्वारा महामारी का मुकाबला करने, आर्थिक पुनरुत्थान करने और जनजीवन का सुधार करने में अहम भूमिका अदा की गयी है।

विभिन्न सभ्यताओं के बीच मुठभेड़ चाहिए या वार्तालाप, प्रतिरोध चाहिए या सहयोग, यह मानव जाति के विकास का अहम विषय बन चुका है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 2019 में आयोजित एशियाई सभ्यता संवाद सम्मेलन में कहा कि समान चुनौतियों का सामना करने और सुन्दर भविष्य की रचना करने के लिए वैज्ञानिक व तकनीक शक्ति की जरूरत है, साथ ही संस्कृति और सभ्यता की शक्ति की आवश्यकता भी है।

50 सालों पहले चीन पुनः यूएन में वापस लौटा। विश्व शांति की रक्षा करने के लिए एक अहम शक्ति डाली गयी है। चीन हमेशा ही विश्व शांति का निर्माता है, विश्व विकास का योगदानकर्ता है और अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था का रक्षक है। शी चिनफिंग ने विश्व को यह वचन दिया। नयी ऐतिहासिक स्थिति में चीन दृढ़ता से शांतिपूर्ण विकास के रास्ते पर चलता रहेगा। चीन विश्व के लोगों के शांति की खोज करने, शांति की रक्षा करने और शांति को साझा करने के लिए नया योगदान प्रदान करेगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)


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