Rahul Gandhi

Rahul Gandhi ने कश्मीरी पंडितों को हरसंभव सहायता मुहैया करवाने का किया वादा

जम्मू : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को विस्थापित कश्मीरी पंडितों से कहा कि वह और उनका परिवार इसी समुदाय से आता है तथा उन्हें हरसंभव सहायता मुहैया कराने का वादा किया। उन्होंने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर आरोप लगाया कि वे जम्मू-कश्मीर की समग्र संस्कृति को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं और कहा कि दोनों संगठन केंद्र शासित प्रदेश के लोगों में प्यार एवं भाईचारे को ‘‘खत्म’’ कर रहे हैं।

गांधी ने जम्मू के दो दिवसीय दौरे के अंतिम दिन यहां कांग्रेस के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मैंने अपने कश्मीरी भाइयों से कहा कि मैं आपकी मदद करके दिखाऊंगा। मैं झूठ नहीं बोलता।’’ उन्होंने कहा कि वह खुद ही कश्मीरी पंडित समुदाय से आते हैं और उनके दर्द को महसूस करते हैं। गांधी ने कहा, ‘‘आज सुबह कश्मीरी पंडित भाइयों का प्रतिनिधिमंडल आया था। प्रतिनिधिमंडल के सदस्य जब मुझसे बात कर रहे थे तो मेरे दिमाग में यह बात आई कि मैं भी इसी समुदाय का हिस्सा हूं।’’ उन्होंने कहा कि उनका परिवार कश्मीरी पंडित समुदाय से है।

क्षेत्र में 1990 के दशक में आतंकवाद फैलने के तुरंत बाद कश्मीरी पंडित कश्मीर घाटी से पलायन कर जम्मू एवं राज्य के अन्य हिस्सों में चले गए थे। उन्होंने कहा, ‘‘कश्मीरी पंडितों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुझे बताया कि 25 लाख रुपये मुआवजा देने का वादा पूरा नहीं किया गया है। कांग्रेस ने कश्मीरी पंडितों के लिए मुआवजे की घोषणा की थी।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि जब भी वह जम्मू-कश्मीर आते हैं तो यहां घर जैसा महसूस होता है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने श्रीनगर में कहा था कि जब भी मैं जम्मू-कश्मीर आता हूं तो यहां घर जैसा महसूस करता हूं। कल मैं माता वैष्णो देवी मंदिर में पूजा करने गया था और मुझे घर जैसा लगा।’’ गांधी ने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर राज्य था लेकिन अब यह केंद्र शासित प्रदेश बन गया है और मेरे परिवार से इसका बहुत पुराना नाता है।’’ केंद्र सरकार ने पांच अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर के विशेष दज्रे के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त कर दिया था और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों - जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख में बांट दिया था।


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