Human rights

अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों की रक्षा केवल शब्दों में न हो

आजकल अमेरिका में कई स्थानों पर एशियाई अमेरिकियों के साथ नफरत के खिलाफ विरोधी प्रदर्शन आयोजित हो रहे हैं। लोगों ने सड़कों पर "घृणा का वायरस है" के नारे लगाते हुए हाल ही में अटलांटा में हुई गोलीबारी मामले और देश में एशियाई नागरिकों के खिलाफ तेजी से बढ़ रहे घृणित आपराधिक मामलों का विरोध किया। अमेरिका के संगठन "एशिया-प्रशांत अमेरिकियों के घृणा की रोकथाम" द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, 16 मार्च, 2020 से 28 फरवरी 2021 तक अमेरिका में एशियाई लोगों के खिलाफ़ नस्लीय भेदभाव के 3,795 मामले सामने आए।

अमेरिका अप्रवासियों का देश है और एशियाइयों ने इतिहास में देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कोरोना वायरस प्रकोप फैलने के बाद लाखों एशियाई चिकित्सा कर्मियों ने महामारी के खिलाफ लड़ाई में भाग लिया और अमेरिकी नागरिकों के जीवन और स्वास्थ्य की रक्षा के लिए प्रयास किया। लेकिन अब, एशियाई अमेरिकियों को घृणित अपराधों के गंभीर खतरे का सामना करना पड़ रहा है।

प्रत्यक्ष कारण से देखा जाए, तो यह पिछले अमेरिकी प्रशासन द्वारा राजनीतिक स्वार्थ के लिए चीन के बारे में अफवाह फैलाने और नस्लीय घृणा को उकसाने से संबंधित है। आंकड़ों के मुताबिक, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा तथाकथित "चीनी वायरस" के प्रचार के दौरान, ट्विटर पर 70 लाख भेदभावपूर्ण ट्वीट्स में एशियाई विरोधी 12 लाख से अधिक हैशटैग शामिल थे। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने हाल ही में कहा कि अमेरिका में एशियाई लोगों के खिलाफ लगातार हिंसक घटनाएं कोरोना वायरस और एशिया के बीच जुड़ाव के कारण नस्लवाद की समस्या है।

वर्तमान में बाइडेन से लेकर ब्लिंकेन तक, नए अमेरिकी प्रशासन में कई राजनेताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए नस्लवादी अपराधों की कड़ी निंदा की है। हालाँकि, बाहरी दुनिया ने अभी तक यह नहीं देखा है कि उन्होंने लगातार नस्लवाद से निपटने और अमेरिकी लोगों के मानवाधिकारों की रक्षा के लिए व्यावहारिक उपाय किए हैं। इसके विपरीत, शून्य-जमा खेल की विचारधारा और वैचारिक पक्षपात को पकड़ते हुए कुछ अमेरिकी राजनीतिज्ञ चीन पर हमला करने के लिए मानव अधिकारों और अन्य मुद्दों पर झूठ गढ़ना जारी रखे हैं। चीन के खिलाफ अमेरिकी लोगों के पक्षपात को गहरा करना जारी रखे है, और अमेरिकी में एशियाई अमेरिकियों के भेदभाव और घृणा को बढ़ाते हैं।

वर्तमान में, अमेरिका में लगातार बिगड़ती मानवाधिकार स्थिति पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का बहुत ध्यान केंद्रित हुआ है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 46वें सत्र के दौरान 116 देशों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त राष्ट्र के संबंधित एजेंसियों और गैर-सरकारी संगठनों के साथ मिलकर अमेरिका में 347 मानवाधिकार सुधारों में सुधार करने का सुझाव पेश किया। यह अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा अमेरिका में मानवाधिकार मुद्दे की सामूहिक निंदा है। अमेरिकी नेताओं को सुधार के लिए इन सुझावों को ध्यान से पढ़ना चाहिए और जल्द से जल्द व्यावहारिक कदम उठाना चाहिए। मानवाधिकार संरक्षण के बारे में सिर्फ मुंह पर शब्द नहीं होने चाहिए।
(साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)


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