Pradosh

प्रदोष व्रत करने से होते है सभी दुःख दर्द दूर, जानिए पूजा का सही समय

जो प्रदोष व्रत बुधवार के दिन पड़ता है उसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाता है। इस व्रत को रखने से कोई भी व्यक्ति अपने बुध और चन्द्रमा को अच्छा कर सकता है।  हर महीने के दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। आज के दिन बुध प्रदोष व्रत पड़ रहा है। किसी भी प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा सूर्यास्त से 45 मिनट पूर्व शुरू होकर सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक की जाती है। बुध प्रदोष का व्रत करके जीवन में धन की वृद्धि की जा सकती है और सभी रोग, शोक, कलह, क्लेश हमेशा के लिए खत्म हो जाते हैं। 

बुध प्रदोष पर धन धान्य का वरदान
बुध प्रदोष के दिन घर के बड़े बुजुर्ग अपने घर के बच्चों के हाथ से जरूरतमंद बच्चों को मिठाई और हरी वस्तुओं का दान कराएं. प्रदोष व्रत के दिन 5 सुपारी/5 इलायची और पांच मोदक भगवान गणेश को अर्पित करें. भगवान गणेश के सामने घी का दीया जलाएं और ॐ गं गणपतये नमः मन्त्र का एक माला-जाप आसन पर बैठ कर करें. ऐसा लगातार तीन दिन तक करने से घर में धन धान्य की वृद्धि होगी. पूजा के बाद मोदक बच्चों को बांट दें.

बच्चों का बुध ग्रह यदि कमजोर है तो...
बुध ग्रह को बलवान करने के लिए मां दुर्गा और भगवान गणेश की पूजा अर्चना जरूर करें. हरे रंग की वस्तुओं का ज्यादा प्रयोग करें. अपनी बहन, बेटी, बुआ को सम्मान दें. अपने घर की उत्तर दिशा में जल भरकर जरूर रखें. जरूरतमंद कन्याओं के विवाह में भोज्य सामग्री आदि देकर मदद करें.

बुध प्रदोष पर संकटों से छुटकारा
लाल रंग के भगवान गणेश की स्थापना पूर्व दिशा में करें. नित्य प्रातः गणेश जी को लाल गुड़हल के 11 फूल और हरी दूर्वा की पत्तियां अर्पित करें. इसके बाद वक्रतुण्डाय हुं मन्त्र का जाप लाल चंदन की से एक माला जाप करें. लगातार 27 दिन तक यह मंत्र जाप करते रहें. जाप पूर्ण होने के बाद और कार्य सिद्ध होने के बाद जरूरतमंद लोगों को खाना जरूर खिलाएं. शाम के समय प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल में कच्चा दूध मिलाकर अभिषेक करें और तिल के तेल का चौमुखा दीया भगवान शिव के सामने जलायें तथा नमः शिवाय का जाप करें.


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