#Pargat Singh news, #punjab news, #chandigrah news, #Social News, #Guru Tegh Bahadur jaynti

महान हस्तियों के ऐतिहासिक दिनों को स्कूलों में मनाएं और बच्चों को उनके जीवन के प्रति जागरूक करें : परगट सिंह

चंडीगढ़ः पंजाब के शिक्षा मंत्री परगट सिंह ने आज चंडीगढ़ में गुरु तेग बहादुर की 400वीं जयंती को समर्पित सह-शिक्षा प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि "हमारा इतिहास अतुलनीय बलिदानों और शहादतों से भरा है, जिसमें से नौवें पातशाह गुरु तेग बहादुर का पूरा जीवन हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है। हमें गुरुओं के जीवन और शिक्षाओं द्वारा निर्देशित होने और उनके दिखाए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है।"

परगट सिंह ने शिक्षा विभाग से आह्वान किया कि वह  ऐतिहासिक दिनों के अवसर पर स्कूली बच्चों को महान हस्तियों के जीवन से अवगत करवाएं। हमें गुरुओं की दूरदर्शिता, मानवता के संदेश, समर्पण और बलिदान की भावना से सीखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा आयोजित इन सह-शिक्षा प्रतियोगिताओं का उद्देश्य गुरु तेग बहादुर के संदेश, बलिदान, शिक्षाओं और उद्देश्यों को घर-घर पहुंचाना है।

अपने जीवन में शिक्षकों द्वारा दिए गए मार्गदर्शन को याद करते हुए परगट सिंह ने कहा कि देश के निर्माण में सबसे बड़ा योगदान उन शिक्षकों का है जो निस्वार्थ भाव से दूसरों का भविष्य बनाने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा कि हर छात्र में कोई न कोई छिपी प्रतिभा होती है, बस जरूरत है उसे पहचानने और निखारने की। ऐसा एक शिक्षक ही कर सकता है। उन्होंने कहा कि छात्रों को समय से अवगत कराना आधुनिक शिक्षा का मुख्य लक्ष्य है।

परगट सिंह ने सभी शिक्षा अधिकारियों, स्कूल प्रमुखों, शिक्षकों को कोविड के बुरे समय में ऑनलाइन प्रतियोगिताएं आयोजित कर अपनी छाप छोड़ने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि वह शिक्षा विभाग से संबंधित मुद्दों को सुलझाने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ काम कर रहे हैं और जो भी उचित मांगें हो सकती हैं उन्हें पूरा किया जा रहा है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारियों को विभाग से संबंधित मामलों को उठाने के लिए कहा, जिन्हें निचले स्तर पर हल किया जा सकता है।

वही महानिदेशक स्कूल शिक्षा प्रदीप कुमार अग्रवाल ने कहा कि कोरोना संकट के चलते इन सह-शैक्षिक प्रतियोगिताओं का आयोजन ऑनलाइन किया गया, जिसमें 11 वर्ग में रिकॉर्ड 2,85,973 विद्यार्थियों ने भाग लिया. इन छात्रों के बीच शब्द गायन, गीत गायन, कविता पाठ, भाषण प्रतियोगिता, वाद्य वादन, पोस्टर बनाना, पेंटिंग, स्लोगन लेखन, सुलेख, पीपीटी बनाना और पगड़ी बनाना प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जो लगभग पांच महीने तक चलीं।

डी.पी.आई. सुखजीत पाल सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज राज्य स्तरीय समारोह के दौरान प्रत्येक वर्ग में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को एक टैबलेट दिया गया। 1100 नकद और गुरु तेग बहादुर की एक तस्वीर भेंट की गई। दूसरे स्थान पर आने वाले प्रत्येक छात्र को एक मोबाइल फोन, 1100 रुपये और गुरु तेग बहादुर की एक तस्वीर दी गई। 1.4 लाख रुपये की नकद राशि सहित कुल 11.30 लाख रुपये दिए गए।


Live TV

-->

Loading ...