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2030 तक रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश की जरूरतः सरकार

नई दिल्लीः सरकार ने शुक्रवार को भारतीय रेल के निजीकरण के किसी प्रस्ताव से इनकार किया लेकिन कहा कि एक अनुमान के तहत भारतीय रेल को 2030 तक नेटवर्क विस्तार सहित विभिन्न आधुनिकीकरण कार्यों के लिए 50 लाख करोड़ रुपए के पूंजीगत निवेश की जरूरत होगी। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने तृणमूल कांग्रेस सदस्य डेरेक ओ ब्रायन के एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।
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ब्रायन ने सवाल किया था कि रेलवे के कौन-कौन से संचालन क्षेत्रों का निजीकरण हुआ है? रेल मंत्री गोयल ने कहा, ‘‘भारतीय रेल के निजीकरण का कोई प्रस्ताव नहीं है। बहरहाल, ऐसा अनुमान है कि भारतीय रेल को 2030 तक नेटवर्क विस्तार और क्षमता संवर्धन और अन्य आधुनिकीकरण कार्यों के लिए 50 लाख करोड़ रुपए के पूंजीगत निवेश की जरूरत होगी ताकि बेहतर ढंग से यात्री और माल सेवाएं दी जा सकें।’’

उन्होंने कहा कि पूंजीगत वित्तपोषण में अंतर को पाटने और आधुनिक प्रौद्योगिकी दक्षता लाने के लिए कुछ पहलों में सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल का उपयोग करने की योजना है। इनमें चुनिंदा मार्गों पर यात्री गाड़ियां चलाने के लिए 150 आधुनिक रेक चलाना शामिल है। गोयल ने हालांकि कहा कि गाड़ी परिचालन का कार्य भारतीय रेल के पास ही रहेगा।
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