Hukamnama 7 september 2021 हुक्मनामा श्री हरिमंदिर सा

हुक्मनामा श्री हरिमंदिर साहिब जी 7 सितंबर

धनासरी महला ४ ॥   इछा पूरकु सरब सुखदाता हरि जा कै वसि है कामधेना ॥   सो ऐसा हरि धिआईऐ मेरे जीअड़े ता सरब सुख पावहि मेरे मना ॥१॥  जपि मन सति नामु सदा सति नामु ॥   हलति पलति मुख ऊजल होई है नित धिआईऐ हरि पुरखु निरंजना ॥ रहाउ ॥  

हे मेरी जिंदे! जो हरी सब कामनाए पूरी करने वाला है, जो सरे सुख देने वाला है, जिस के बसमे (स्वर्ग में रहने वाली समझी गयी) कामधेन है उस ऐसी समर्था वाले परमात्मा का सुमिरन करना चाहिए। हे मेरे मन! (जब तू परमात्मा का सुमिरन करेगा) तब सारे सुख हासिल कर लेगा।१। हे मन! सदा-थिर प्रभु का नाम सदा जपा करो। हे भाई! सरब-व्यापक निर्लेप हरी का सदा ध्यान करना चाहिए, (इस प्रकार) लोक परलोक में इज्जत कमा लेनी चाहिए।रहाउ।

Live TV

Breaking News


Loading ...