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महाशिवरात्रि के दिन पूजा करके नवग्रह शांति कैसे प्राप्त करें

शिवरात्रि वाले दिन पूजा करके अपने बड़े से बड़े कष्ट का निवारण कर सकते हैं। शिवरात्रि वाले दिन आप आठ पहर की पूजा कर सकते हैं यानी सुबह 4:00 बजे से लेकर दूसरे दिन सुबह 4:00 बजे तक आप कोई भी 3 घंटे का समय चुन् सकते है। 

पूजा की विधि इस प्रकार होगी:-

-जिन व्यक्तियों के कुंडली में सूर्य देव अमंगलकारी हैं तो वे भगवान शंकर के शिवलिंग को पहले जल चढ़ाकर फिर शक्कर के साथ उसका लेप करें उसके -उपरांत 21 बार ओम नमः    शिवाय का पाठ करें फिर शुद्ध जल से उसको साफ कर दें। 

-जिन व्यक्तियों के कुंडलियों में चंद्रदेव अरिष्ट हैं वे दूध के साथ भगवान शिव का अभिषेक करें। 

-जिन व्यक्तियों की कुंडलियों में मंगल देव अरिष्ट है वे शहद के साथ भगवान शंकर का अभिषेक करें। 

-जिन व्यक्तियों की कुंडली में बुद्धदेव खराब हैं वह भगवान शंकर को दही के साथ अभिषेक करें। 

-व्यक्तियों की कुंडली में गुरु बृहस्पति अरिष्ट कारी हैं वह भगवान शंकर का गन्ने के रस से अभिषेक करें। 

-जिन व्यक्तियों की कुंडली में है शुक्र देव अरिष्ट कारी हैं वे दूध दही मिक्स करके भगवान शंकर का अभिषेक करें। 

-व्यक्तियों की कुंडली में शनि देव अरिष्ट हैं वे पंचामृत में एक चम्मच सरसों का तेल डालकर भगवान शंकर का अभिषेक करें। 

-जिन व्यक्तियों की कुंडली में राहु केतु खराब हैं वे पंचामृत के साथ काले और सफेद तेल मिक्स करके उनको पानी में घोलकर भगवान शंकर का अभिषेक करें। 

यह भगवान शंकर को प्रसन्न करने की सबसे सरल विधि है इस एक दिन की पूजा से अनंतकोटी फल प्राप्त होता है। आप सभी से अनुरोध है भगवान शंकर को खीर बहुत पसंद है आप खीर का भोग लगाएं या दूध चावल चीनी सवा किलो की रेशों में भगवान शंकर को अर्पण करें। जो व्यक्ति किसी मंत्र को सिद्ध करना चाहते हैं तो उनको रात 12:00 से 3:00 उस मंत्र का जाप करना चाहिए और अखंड ज्योत जगदी रहनी चाहिए।

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