Harish Rawat, Lakhimpur

1000 गाड़ियों के काफिले के साथ आज Lakhimpur के लिए रवाना होंगे Harish Rawat

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत गुरुवार सुबह 1000 गाड़ियों के काफिले के साथ लखीमपुर खीरी के लिए रवाना होंगे। वहीं एक पूरे दिन की जद्दोजहद के बाद भी राजस्थान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सचीन पायलट लखीमपुर नहीं जा सके, उन्हें यूपी बॉर्डर पर लाकर छोड़ दिया गया।

गौरतलब है कि कांग्रेस शासित पंजाब और छत्तीसगढ़ सरकार पहले ही लखीमपुर खीरी में मृतकों के परिजनों के लिए 50-50 लाख के मुआवजे का ऐलान कर चुकी है। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी और भूपेश बघेल ने मृतकों के परिजनों से बुधवार देर रात मुलाकात की। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी दो दिनों की हिरासत के बाद उनके साथ मौजूद रहीं।

मुलाकात के बाद प्रियंका गांधी ने जांच पर सवाल उठाते हुए कहा, "जबतक अजय मिश्रा टेनी भारत सरकार में मंत्री बने हुए हैं, तबतक इस मामले की निष्पक्ष जांच कैसे हो सकती है।" हालांकि कांग्रेस शासित राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इस दौरान वहां नहीं पहुँचे। पार्टी ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट को ये जिम्मेदारी दी, लेकिन सचिन पायलट को बुधवार रात मुरादाबाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वे दिल्ली से सड़क मार्ग से लखीमपुर खीरी जा रहे थे। इसके अलावा, प्रमोद कृष्णम को भी उनके साथ मौजूद थे, उन्हें भी हिरासत में लिया गया। फिलहाल उत्तरप्रदेश पुलिस ने सचिन पायलट को रिहा कर दिया है लेकिन पायलट को उत्तरप्रदेश पुलिस ने हिरासत में ही वापस गुरुवार सुबह यूपी बॉर्डर लाकर छोड़ दिया। उन्हें लखीमपुर नहीं जाने दिया गया।

इस मसले पर हरीश रावत ने कहा, "किसानों को कुचलकर उनकी निर्मम हत्या की गई। इस घटना से पूरा देश स्तब्ध है। इसलिए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त करने के साथ ही उनके बेटे आशीष मिश्र को गिरफ्तार किया जाए। इस मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी के तमाम कार्यकर्ता उत्तराखंड से लखीमपुर खीरी तक विरोध मार्च में शामिल होंगे।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने, आरोपियों की गिरफ्तार करने, की मांग को लेकर देशभर में आंदोलन जारी रखेगी। 


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