Electricity Buy, Farmers

Madhya Pradesh में किसानों से बिजली खरीदेगी सरकार

भोपाल :  मध्य प्रदेश में पीएम कुसुम योजना में किसानों द्वारा उत्पादित बिजली ऊर्जा विभाग द्वारा खरीदी जाएगी। किसानों द्वारा सोलर संयंत्र  लगाए जाने पर 10 लाख रुपये का खर्च आएगा और आमदनी 50 लाख रुपये से ज्यादा हो सकेगी।

पीएम कुसुम-अ योजना में सौर ऊर्जा उत्पादकों के लिए मिंटो हॉल में आयोजित कार्यशाला में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा, ‘‘हमारे कोयला और तेल जैसे ऊर्जा के संसाधन कम हो रहे हैं, लेकिन सूर्य देव की कृपा सबके ऊपर समान रूप से है। इसका उपयोग कर हम प्रदेश में बिजली का उत्पादन बढ़ा सकते हैं।’’ उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा उत्पादित उर्जा विभाग खरीदेगा, बिजली की बिक्री से जो लाभ होगा, उससे किसानों के जीवन में नई खुशियां आएंगी।

तोमर ने आह्वान किया कि बिजली की बचत करें, जिससे बिजली बिल कम आए और पैसा बचे। प्रदेश की कुल विद्युत खपत की लगभग 25 प्रतिशत पूर्ति नवकरणीय ऊर्जा द्वारा हो रही है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग ने कहा, ‘‘सोलर ऊर्जा के रूप में जो बीज आप डालोगे, वह वर्षो आपको लाभान्वित करेगा। प्लांट लगाने के लिए बैंक से लोन भी सरलता से मिलेगा। किसान अब उद्योगपति भी बनने जा रहे हैं।’’

उन्होंने आगे कहा, रीवा के सोलर प्लांट से दिल्ली की मेट्रो ट्रेन चल रही है। विश्व का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्लांट ओंकारेश्वर में बन रहा है। इससे 600 मेगावॉट सौर ऊर्जा मिलेगी। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे ने कहा कि किसान अब फसल उत्पादक के साथ ही ऊर्जा उत्पादक भी बनेंगे। सूरजमुखी की तरह सूरज ऊर्जा का भी आप उत्पादन करेंगे। इस क्षेत्र में सभी मिलकर अन्य प्रदेशों के लिए प्रतिमान स्थापित करेंगे।

भारत सरकार के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रलय द्वारा कुसुम-अ योजना के तहत प्रदेश में कुल 300 मेगावॉट क्षमता का आवंटन किया गया है। ऊर्जा विकास निगम द्वारा अब तक निविदा के दो चरणों में कुल 42 निविदाकर्ताओं का सौर ऊर्जा उत्पादक के रूप में चयन कर 75 मेगावॉट क्षमता का आवंटन किया जा चुका है। निविदाकर्ताओं में 40 किसान शामिल हैं।


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