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कल मनाया जा रहा है गोपाष्टमी पर्व, जानिए पूजा के फायदों के बारे में

12 नवंबर दिन शुक्रवार यानि के कल के दिन गोपाष्टमी पर्व मनाया जा रहा है। यह पर्व हमेशा शुक्ल पक्ष की अष्‍टमी तिथि को मनाया जाता है। माना जाता है के जो भी इंसान इस दिन गायों को चारा, भोजन खिलाता है और उनकी सेवा करता है उनके जीवन में शुभता आने लगती है और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। 

1. गोपाष्टमी 2021 पूजन का शुभ मुहूर्त- 
शुक्रवार, 12 नवंबर को सुबह 06.49 मिनट से शुरू होगा तथा शनिवार, 13 नवंबर को सुबह 05.51 मिनट पर समापन होगा।

2. गोपाष्टमी के दिन शुभ व ब्रह्म मुहूर्त में गाय और उसके बछड़े को नहला धुलाकर श्रृंगार करें। गाय को सजाने के बाद गौ माता की पूजा और परिक्रमा करें।

3. परिक्रमा के बाद गाय और उसके बछड़े को घर से बाहर लेकर जाएं और कुछ दूर तक उनके साथ चलें।

4. ग्वालों को दान करना चाहिए।

5. शाम को जब गाय घर लौटती हैं, तब फिर उनकी पूजा करें।

6. गोपाष्टमी पर गाय को हरा चारा, हरा मटर एवं गुड़ खिलाएं।

7. गोपाष्टमी के शुभ अवसर पर गौशाला में गो संवर्धन हेतु गौ पूजन का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता है। गौशाला में यथाशक्ति दक्षिणा, भोजन अन्य वस्तु इत्यादि दान दें।

8. गोपाष्टमी के दिन जो व्यक्ति गाय के नीचे से निकलता उसको बड़ा पुण्य मिलता है।

9. शास्त्रों के अनुसार गाय में 33 करोड़ देवताओं का वास होता है और माता का दर्जा दिया गया है इसलिए गौ पूजन से सभी देवता प्रसन्न होते हैं।

10. जिन के घरों में गाय नहीं हैं वे लोग गौशाला जाकर गाय की पूजा करें। उन्हें गंगा जल, फूल चढ़ाएं, गुड़, हरा चारा खिलाएं और दीया जलाकर आरती उतारें।

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