Gandhi family , 1984 Sikh massacre , Bikram Singh Majithia

गांधी परिवार 1984 सिख कत्लेआम के वरिष्ठ नेताओं के परिजनों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देने पर तुली है : Bikram Singh Majithia

चंडीगढ़ : शिरोमणी अकाली दल ने आज कहा है कि गांधी परिवार 1984 के सिख कत्लेआम के लिए जिम्मेदार वरिष्ठ नेताओं के परिजनों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां पर तुली हुई है, और कहा कि इसने सिख समुदाय को एक बार फिर स्पष्ट संदेश दिया है कि वह पंजाब में 2022 के विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी उम्मीदवारों के टिकटों के आवंटन के लिए पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष  के  रूप में अजय माकन को नियुक्त करके ऐसे तत्वों को संरक्षण देना जारी रखेंगें। यहां एक प्रेस बयान जारी करते हुए अकाली दल के वरिष्ठ नेता स. बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि जहां एक तरफ वरिष्ठ नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ अदालत में आरोप तय किए जा रहे हैं, वहीं गांधी परिवार ने ललित माकन के परिवार को पुरस्कृत करने के लिए चुना है, जिन्होने उस भीड़ की अगुवाई की थी। उन्होने कहा,‘‘ यह गांधी परिवार और कांग्रेस आलाकमान की सिखों  और उनकी भावनाओं का कितना ख्याल है, इसकी सूचक है’’। उन्होने कहा कि  पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज ने सिखों के खिलाफ हिंसा करने के जिम्मेदार 277 व्यक्तियों को नामित किया था,जिसमें ललित माकन का नाम तीसरे नंबर पर  था। ‘‘ यह निस्संदेह साबित करता है कि 1984 में सिखों की हत्या करने वाले नेताओं को बार बार शीर्ष पदों पर पुरस्कृत करना गांधी परिवार की नीति है। 

इस नीति के खिलाफ सिख समुदाय के बार बार विरोध का गांधी परिवार पर कोई प्रभाव नही पड़ा है , जैसा कि हाल ही में एक अन्य नरसंहार अपराधी -जगदीश टाइटलर को दिल्ली में एक शीर्ष स्तरीय पार्टी कमेटी में पदोन्न्त किया गया था। कांग्रेस पार्टी से यह पूछते हुए कि अजय माकन को पंजाब कें शीर्ष कमेटी का अध्यक्ष बनाकर वह सिख समुदाय को क्या संदेश दे रहे हैं। स. बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा, ‘‘ कांग्रेस पार्टी ऐसी नियुक्तियां करके पंजाब में साम्प्रदायिक शांति को खराब करने पर आमादा है। यह स्पष्ट है कि गांधी परिवार जानबूझकर  भावनााओं को भड़काकर और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच दरार पैदा कर फूट डालो और राज करो की अपनी नीति का पालन कर रहा है। 

सरदार मजीठिया ने इस बात पर भी आश्चर्य व्यक्त किया कि न तो मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और न ही गृहमंत्री सुखजिंदर रंधावा यां प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत  सिंह सिद्धू ने माकन की नियुक्ति पर आपत्ति जताई । उन्होने कहा , ‘‘ ऐसा लगता है कि ये सभी नेता अपनी हितों की रक्षा के लिए सिख समुदाय के हितों को त्यागने के लिए तैयार हैं। वे शीर्ष पद हथियाने के लिए अपने अवसर को खराब नही करना चाहते, जो गांधी परिवार की चमचागिरी द्वारा ही संभव है। वे वास्तव में अवसरवाद और स्वार्थ की चरमसीमा तक पहुंच चुके हैं’’।
यह कहते हुए कि पंजाबी यह अपमान  हरगिज बर्दाश्त नही करेंगें। स. मजीठिया ने कहा, ‘‘ हम इन कांग्रेसी नेताओं द्वारा ‘‘ बच्चा सरदार का, देश के गददार का’’ के नारे यां इस तथ्य को नही भूल सकते कि ये कांग्रेसी नेता इस दिल्ली में दुनिया की एकमात्र विधवा कॉलोनी बनाने के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होने कहा कि कांग्रेस पार्टी की विभाजनकारी राजनीति को वे लोग रदद कर देंगें जो  शिरोमणी अकाली दल के साथ शांति और साम्प्रदायिक सदभावना के लिए अपनी प्रतिबद्धता के कारण समर्थन करते हैं।

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