GST compensation

GST क्षतिपूर्ति 2021-22 में पड़ सकती है 3 लाख करोड़ रुपए कम, राज्यों को लेना पड़ सकता है कर्ज

नई दिल्लीः राज्यों को अगले वित्त वर्ष में जीएसटी क्षतिपूर्ति में 3 लाख करोड़ रुपए कम पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में उन्हें फिर मजबूरन बाजार से ज्यादा कर्ज लेना पड़ सकता है। रेटिंग एजेंसी इक्रा की सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार राज्यों को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) क्षतिपूर्ति मद में 2.7 से 3 लाख करोड़ रुपए की कमी का सामना करना पड़ सकता है। इसमें से उपकर संग्रह में कमी 1.6 से 2 लाख करोड़ रुपए रह सकती है। वित्त वर्ष 2020-21 में राज्यों को केंद्र से जीएसटी क्षतिपूर्ति में 1.1 लाख करोड़ रुपए की कमी रही लेकिन 90 प्रतिशत से अधिक राशि अब जारी कर दी गई है।

रेटिंग एजेंसी के अनुसार जीएसटी संग्रह में कमी से राज्यों को बाजार से कम-से-कम 2.2 लाख करोड़ रुपए और कर्ज लेना पड़ सकता है। इसका मतलब है कि उन्हें 2021-22 में बढ़ी हुई कर्ज सीमा का 90 प्रतिशत उपयोग करना होगा। इक्रा के कॉरपोरेट क्षेत्र रेटिंग के समूह प्रमुख जयंत रॉय ने कहा, ‘‘केंद्र के 2021-22 के जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) अनुमान के आधार पर, हमारा अंदाजा है कि राज्यों द्वारा सकल राज्य घरेलू उत्पाद का एक प्रतिशत अधिक कर्ज या 2.2 लाख करोड़ रुपये के बराबर कर्ज होगा। क्योंकि हमारा अनुमान है कि केंद्र से राज्यों को जीएसटी क्षतिपूर्ति में कमी 1.6 से 2 लाख करोड़ रुपए होगी। इसके आधार पर, 2021-22 में जीएसटी क्षतिपूर्ति के भुगतान में कमी 2.7 से 3 लाख करोड़ रुपए होगी।’’

पंद्रहवें वित्त आयोग ने सिफारिश की है कि राज्यों की शुद्ध उधारी के लिए सामान्य सीमा 2021-22 में जीएसडीपी का 4 प्रतिशत नियत किया जाए। यह मूल उधारी सीमा 3 प्रतिशत से अधिक है। आयोग ने वित्त वर्ष 2022-25 के दौरान राज्यों के लिये 0.5 प्रतिशत अतिरिक्त कर्ज की भी सिफारिश की है। लेकिन यह इस शर्त पर है कि राज्य बिजली क्षेत्र में सुधारों को लागू करेंगे।

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