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ग्रह दोष से लेकर शरीर के कई दोषों तक से मुक्ति दिलाती है मौली, जानिए कैसे

माना जाता है कि कलाई पर मौली बांधने से जीवन पर आने वाले कई संकंट से रक्षा होती है। ये धागा आपको कई रोगों से भी बचाता है। जिस कारण इसे रक्षा सूत्र भी कहा जाता है। बहुत से स्थानों पर इसे कलावा भी कहा जाता है। हर शुभ कार्य के बाद कलाई पर मौली बांधी जाती है। आइए जानते है इससे मिले वाले लाभ के बारे में :

मौलि बांधने से त्रिवेदों और तीनों महादेवियों की कृपा होती है. ये महादेवियां हैं- महालक्ष्मी, जिनकी कृपा से धन संपत्ति आती है. दूसरी महादेवी हैं सरस्वती, जिनकी कृपा से विद्या बुद्धि प्राप्त होती है और तीसरी देवी हैं मां काली, इनकी कृपा से मनुष्य बल और शांति प्राप्त करता है. 

शास्त्रों के मुताबिल मौलि का रंग और उसका एक एक धागा मनुष्य को शक्ति प्रदान करता है. न केवल इसे बांदने से बल्कि मौली से बनाई गईं सजावट की वस्तुओं को भी घर में रखने से भी बरक्कत होती है और पोजिटिविटी आती है. 

ऐसा माना जाता है कि मौली में देवी-देवता का प्रारूप होता है. मौली का धागा कच्चे सूत से तैयार किया जाता है और यह कई रंगों जैसे पीला, सफेद, लाल और नारंगी का होता है. इसे कलाई पर बांधने से आर्थिक समस्या भी दूर होती है. 

दरअसल, कलाई पर मौलि बांधने से हर वक्त ये नसों को जुड़ा रहता है जो कई बीमारियों को दूर रखने में भी मदद करता है. इससे रक्त का संचार अच्छे से होता है. जिसकी वजह से रक्त का संचार बेहतर होता है और रक्तचाप, हृदय रोग, मधुमेह और लकवा जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव होता है. 

जब आप कलाई पर मौलि बांधते हैं तो एक्यूप्रेशर के अनुसार रक्त में कोई नरमता नहीं होती जो आपकी प्रतिरक्षा को मजबूत और फिट रखती है.