former CM Virbhadra Singh, cremation

आज पंचतत्व में विलीन हो जाएंगे पूर्व CM वीरभद्र सिंह, अंतिम दर्शनों के लिए उमड़ा जनसैलाब

शिमला: हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्‍यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह आज पंचतत्‍व में विलीन हो जाएंगे। आज राजसी परंपरा के साथ रामपुर बुशहर के जोगनी बाग स्थित राज परिवार के श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। रामपुर में उनके पैतृक निवास पदम पैलेस में लोग और सियासतदान उनके अंतिम दर्शनों के लिए पहुंच रहे है। पदम पैलेस में उनके अंतिम दर्शनों के लिए लंबी कतारों में लोग खड़े हैं। वहीं, अंतिम संस्कार से पहले वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह का राजतिलक किया गया। शोक के चलते ये राजतिलक गोपनीय तरीके से किया गया। बुशहर रियासत की परम्परा है कि शाही परिवार के मुखिया की मौत के बाद शव महल से बाहर निकालने से पूर्व उसके वारिस का राजतिलक किया जाता है और इसके बाद ही अंतिम संस्कार की रस्म अदा की जाती है। 


पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की शवयात्रा में 20 हजार से ज्यादा लोगों के शामिल होने का अनुमान है। इसके लिए प्रशासन और पुलिस ने पुख्ता बंदोबस्त कर लिए हैं। सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रशासन ने विभिन्न कदम उठाए हैं। वीरभद्र सिंह नौ बार विधायक रहे थे। इसके साथ ही वह पांच बार सांसद भी चुने गए थे। उन्होंने छह बार सीएम के रूप में हिमाचल प्रदेश की बागडोर भी संभाली थी. वीरभद्र सिंह ने 1983 से 1985 तक पहली बार, 1985 से 1990 तक दूसरी बार, 1993 से 1998 तक तीसरी बार, 1998 में कुछ दिन के लिए चौथी बार, 2003 से 2007 तक पांचवीं बार और 2012 से 2017 तक छठी बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।

उनके निधन पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य कांग्रेस नेताओं ने दुख जताया और राज्य के विकास में उनके योगदान को याद किया। बता दें कि वीरभद्र सिंह का लंबी बीमारी के बाद 87 साल की उम्र में गुरुवार तड़के निधन हो गया। सीएम वीरभद्र ने शिमला के आइजीएमसी अस्पताल में आखिरी सांस ली। वीरभद्र सिंह बुशहर रियासत के राजा थे। वह काफी समय से बीमार थे। दो बार कोरोना संक्रमण को मात देने के बाद भी लगातार अस्‍पताल में उपचाराधीन थे व दो दिन से वेंटीलेटर पर थे। 


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