China

चीन और भारत के विदेश मंत्रियों की फोन पर बातचीत

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 25 फरवरी को भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ फोन पर बातचीत की। वांग यी ने कहा कि पिछले साल चीन-भारत सीमा की स्थिति बहुत स्पष्ट थी, जिससे सबक सीखने लायक है। हाल ही में चीन के प्रति भारत की नीतियों में एकरूपता नहीं रही, जिससे दोनों देशों के बीच व्यावहारिक सहयोग पर प्रभाव पड़ा। वह दोनों देशों के हितों के अनुरूप नहीं है। पिछले कुछ दशकों के अनुभवों से बार-बार पता चलता है कि मतभेदों को उजागर करने से समस्या को हल करने में मदद नहीं मिलती और आपसी विश्वास की नींव को भी नुकसान पहुंचता है।

वांग यी ने कहा कि हाल ही में पैंगोंग झील क्षेत्र में चीन और भारत के अग्रिम पंक्ति के सैनिकों ने व्यवस्थित तरीके से पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी की। अब स्थिति काफी बेहतर हो चुकी है। दोनों पक्षों को बड़ी मेहनत से प्राप्त वर्तमान स्थिति को मूल्यवान समझते हुए संयुक्त रूप से मौजूदा परिणामों को मजबूत करना चाहिए, परामर्श के रुझान को बनाए रखते हुए सीमा नियंत्रण तंत्र में सुधार करना चाहिए। साथ ही सीमा वार्ता को आगे बढ़ाते हुए पारस्परिक विश्वास मजबूत करने की जरूरत है, ताकि सीमा क्षेत्र में शांति और स्थिरता प्राप्त हो सके।

वहीं भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि पैंगोंग झील क्षेत्र में दोनों देशों के सैनिकों के पीछे हटना दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की मॉस्को सहमतियों के कार्यान्वयन का अहम परिणाम है। भारत चीन के साथ वार्ता और परामर्श को मजबूत करने की आशा करता है, ताकि अन्य क्षेत्रों में जल्द से जल्द सैनिकों को वापस हटाया जा सके, सीमा की स्थिति को लगातार सामान्य दिशा में ले जाय। और सीमा क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखी जा सके। भारत द्विपक्षीय संबंधों के दीर्घकालिक विकास और समग्र स्थिति से दोनों देशों के नेताओं के बीच संपन्न महत्वपूर्ण सहमतियों का कार्यान्वयन करने और द्विपक्षीय संबंधों को जल्द से जल्द पटरी पर लाने को तैयार है।
दोनों पक्षों ने आदान-प्रदान की हॉटलाइन स्थापित करने पर भी सहमति जतायी, ताकि समय-समय पर विचारों का आदान-प्रदान किया जा सके। 
(साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)


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