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Dussehra : 15 अक्टूबर को मनाया जा रहा है दशहरा,जानिए इसका सांस्कृतिक पहलू और इतिहास

दशहरा भारतवर्ष का एक प्रमुख त्यौहार है। इसे हर साल खुशी और उल्लास से मनाया जाता है। इस बार दशहरे का पर्व 15 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था। असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाए जाने के कारण इसको ‘विजय दशमी’ के नाम से भी जाना जाता है। 

सांस्कृतिक पहलू : दशहरे का सांस्कृतिक पहलू भी है। भारत कृषि प्रधान देश है। जब किसान अपने खेत में सुनहरी फसल उगाकर अनाज रूपी संपत्ति घर लाता है तो उसके उल्लास और उमंग का पारावार नहीं रहता। इस प्रसन्नता के अवसर पर वह भगवान की कृपा को मानता है और उसे प्रकटकरने के लिए वह उसका पूजन करता है। 

पर्व का इतिहास : इस पर्व को भगवती के विजया नाम पर भी विजय दशमी कहते हैं। इस दिन भगवान रामचंद्र चौदह वर्ष का वनवास भोगकर तथा रावण का वध कर अयोध्या पहुंचे थे, इसलिए भी इस पर्व को विजय दशमी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि आश्विन शुक्ल दशमी को तारा उदय होने के समय विजय नामक मुहूर्त होता है। यह काल सर्वकार्य सिद्धिदायक होता है इसलिए भी इसे विजय दशमी कहते हैं। ऐसा भी माना जाता है कि शत्रु पर विजय पाने के लिए इसी समय प्रस्थान करना चाहिए। इस दिन श्रवण नक्षत्र का योग और भी अधिक शुभ माना गया है।

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