Due to the strictness of Chief Minister Yogi Uttar Pradesh

मुख्यमंत्री योगी की सख्‍ती के कारण ही सरकारी खरीद में उत्तर प्रदेश रहा अव्वल

लखनऊ (उत्तर प्रदेश) : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ की सख्‍ती के कारण ही उत्तर प्रदेश सरकारी खरीद में पहले दर्जे पर रहा। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार प्रदेश में भ्रष्टाचार पर रोक लगाकर सरकारी खरीद में पारदर्शी बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा बनाए गए गवर्नमेंट ई-मार्केटि‍ंग (जेम) पोर्टल को लेकर सबसे अधिक गंभीरता योगी सरकार ने ही दिखाई है। सरकारी विभागों के लिए जेम से खरीद अनिवार्य कर लगातार इसकी निगरानी-समीक्षा की गई। प्रदेश सरकार ने सत्ता संभालते ही भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर दिया गया। शासन स्तर से सख्ती की गई कि सरकारी विभाग अनिवार्य रूप से वस्तु और सेवा की खरीद जेम पोर्टल से ही करेंगे। वेंडर्स को भी इस पोर्टल पर अधिक से अधिक पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया गया। 

सूत्रों के अनुसार 4 वर्ष में 9442 करोड़ रुपए से ज्यादा की खरीददारी की गई है। इन आंकड़ों के साथ जेम पोर्टल से खरीद में उत्तर प्रदेश पहले पायदान पर है। दूसरे नंबर पर गुजरात, तीसरे पर दिल्ली, चौथे पर मध्य प्रदेश, पांचवें पर महाराष्ट्र, छठे स्थान पर बिहार, सातवें पर छत्तीसगढ़, आठवें पर उड़ीसा, नौवें पर जम्मू-कश्मीर और दसवें नंबर पर आंध्र प्रदेश है। उत्तर प्रदेश में जेम पोर्टल पर निजी क्षेत्र के 123697 विक्रेता हैं, जिसमें 58725 सूक्ष्म और लघु उद्यमी शामिल हैं। इनसे सवा 2 लाख से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में कुल 4675 करोड़ रुपए तक आंकड़ा पहुंच गया। इसके चलते ही केंद्र सरकार ने प्रदेश को 2018 में बेस्ट बायर अवार्ड और 2019 में सुपर बायर अवार्ड से भी सम्मानित किया है। इसके अलावा प्रदेश में भ्रस्टाचारियों पर नकेल कसने में भी प्रदेश सरकार आगे रही है। 

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