Drought hit apple and plums

हिमाचल प्रदेश में सेब और प्लम पर सूखे की मार

रामपुर बुशहर ( हिमाचल प्रदेश) : हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से उचित नमी न मिलने और सूखे से सेब के बागीचों पर भारी मार पड़ने लगी है। राज्य के जिन इलाकों में अधिक समय तक बागीचों में धूप रहती है, वहां सेब के नए पेड़ सूखने लगे हैं। कई जगह पुराने पेड़ भी सूखे की चपेट में आने से बागवानों की परेशानी बढ़ गई है। बागीचों की नमी बचाने के लिए बागवान वैज्ञानिक सलाह लेकर तौलियों में तत्काल घास से मल्चिंग करें, ताकि फ लदार पेड़ों को बचाया जा सके। सूखे के चलते प्रदेश में पहले ही 30 फीसदी कम फलदार पौधे लगाए जा सके हैं। 

प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में लंबे समय से मौसम की अनिश्चितता बनी हुई है। बागवानों की परेशानी सूखे ने काफी बढ़ा दी है। इन दिनों सेब के पेड़ों पर फूल आ रहे हैं और फलों की सेटिंग का समय भी है। बागवानों शिकायत कर रहे हैं कि सेब के नए पेड़ सूखने लगे हैं। जिन बागीचों में सुबह से धूप आती है, वहां सेब के पेड़ों पर सूखे से ज्यादा नुक्सान हो रहा है। ऐसे इलाकों में बड़े पेड़ों पर भी सूखे की मार पड़ रही है। राज्य के सब्जी एवं फल उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान ने कहा कि सेब के पेड़ों पर सूखे की मार लंबे समय से पड़ रही है। 

अब पुराने पेड़ों को भी नुक्सान हो रहा है। बागवानी विशेषज्ञ डा. जे.सी. वर्मा ने कहा कि बागीचों में फलदार पेड़ों को बचाने के लिए तौलियों में छेड़छाड़ न करें। तौलियों में उगी घाट काटकर तौलियों में भी बिछाकर मल्चिंग कर लें। ऐसा करने से बागीचे में नमी बनाकर रखी जा सकेगी और साथ ही पेड़ों को बचाया जा सकता है।

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