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इन 7 सरकारी बैंकों में है खाता तो कर लें ये जरूरी काम, वर्ना 1 अप्रैल से नहीं निकाल सकेंगे पैसे

नई दिल्लीः बैंक ग्राहकों के लिए एक जरूरी खबर है। दरअसल एक अप्रैल 2021 से देश के सात सरकारी बैंकों के ग्राहकों की पुरानी चेक बुक, इंडियन फाइनेंशियल सर्विस कोड (IFSC) और MICR कोड अवैध हो जाएंगे जिस कारण आपको पैसों का लेन देन करने में मुश्किल आ सकती है ।इसलिए अगर आपका खाता भी इन बैंकों में है तो इसी महीने चेक बुक बदलवा लें।

बता दें कि आठ बैंक वो है जिनका हाल ही में दूसरे बैंकों में विलय हुआ है। बैंकों का विलय होने से अकाउंट होल्डर के अकाउंट नंबरों, IFSC व MICR कोड में बदलाव होने के कारण पहली अप्रैल 2021 से बैंकिंग सिस्टम पुराने चेक को रिजेक्ट कर देगा। इन बैंकों की सभी चेकबुक अमान्य हो जाएगी। इसलिए इन सभी बैंकों के ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे तुरंत अपनी शाखा में जाएं और नए चेक बुक के लिए आवेदन करें।

इन बैंकों का हुआ है विलय
-देना बैंक और विजया बैंक का विलय बैंक ऑफ बड़ौदा में हुआ था। यह 1 अप्रैल 2019 से ही प्रभावी हो गया है।
-ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का विलय पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में हुआ है।
-सिंडिकेट बैंक का केनरा बैंक में विलय हुआ है।
-आंध्रा बैंक व कॉरपोरेशन बैंक का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में विलय हुआ है।
-इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में विलय हुआ है। यह 1 अप्रैल 2020 से प्रभाव में आया है।

इन बैंकों के ग्राहकों को लेनी होगी नई चेकबुक
जिन बैंकों के पुराने चेकबुक 1 अप्रैल से अमान्य हो जाएंगे, उनमें देना बैंक, विजया बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, आंध्रा बैंक, कॉरपोरेशन बैंक और इलाहाबाद बैंक हैं। इन बैंकों के विलय के बाद अब 31 मार्च के बाद से इनके पुराने चेकबुक नहीं चलेंगे। हालांकि, सिंडीकेट और केनरा बैंक के ग्राहकों के मामले में थोड़ी राहत मिली है। सिंडीकेट बैंक की मौजूदा चेक बुक्स 30 जून 2021 तक मान्य रहेंगी। 

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