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कैनेडा निवासी की मांग, ट्राईसिटी में बनने चाहिए NRI's के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट

चंडीगढ़ः ट्राईसिटी में एनआरआई लोगों के साथ प्रॉपर्टी की धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।ज्यादातर मामलों में तो प्रॉपर्टी हथियाने वाले कोई और नहीं बल्कि एनआरआईज के अपने परिवार के लोग ही होते हैं।ऐसा ही कुछ हुआ है कैनेडा के सिटीजन नरेश कौशल के साथ। वे 16 साल पहले कैनेडा चले गए थे और जब वे 2019 में इंडिया आए तो पता चला के उनके पिता, मां और बहनांे ने मिलकर उनके एमडीसी सेक्टर-6 स्थित करोड़ों के प्लॉट को धोखे से बेच दिया। नरेश ने कैनेडा जाने से पहले अपनी मां के नाम पर प्लॉट की पावर ऑफ अटॉर्नी कर दी थी और उसी का फायदा उठाकर उनके पिता ने पहले तो प्रॉपर्टी अपने नाम की और फिर उसे करोड़ों में बेच दिया। 

अब नरेश कौशल ने अपने पिता सुखदेव राय कौशल, संतोश कौशल, जीजा हरकेश मनराओ और दोनों बहनों रेनू मनराओ और रमा प्रभाकर के खिलाफ केस दर्ज किए जाने के लिए पंचकूला पुलिस को शिकायत दी। उनकी शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री हरियाणा और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को भी एक लेटर भेजी है जिसमें उन्होंने एनआरआईज के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की मांग की है।

केवल नाम के हैं एनआरआई सेल...

कौशल ने कहा कि पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा में एनआरआईज के लिए स्पेशल सेल तो बने हुए हैं, लेकिन वे केवल नाम के हैं। इन सेल में भी एनआरआई की शिकायतों के साथ वही किया जाता है जो बाकी शिकायतों के साथ होता है। उनकी शिकायतों को भी पुलिस दबा देती है। जिस वजह से फिर उन्हें भटकना पड़ता है। कौशल ने कहा कि इसलिए वे चाहते हैं कि एनआरआई फास्ट ट्रैक कोर्ट बननी चाहिए ताकि उनके मामलों का जल्द ही निपटारा हो सके। उन्होंने कहा कि केवल इसी केस की वजह से वे दो साल से परेशान हो रहे हैं और कैनेडा भी वापस नहीं जा सके हैं। उनका काम और सेहत दोनों प्रभावित हो रही हैं।