MSRTC employees

अदालत ने समिति गठन के बावजूद हड़ताल वापस नहीं लेने पर अड़े MSRTC कर्मचारियों को फटकार लगाई

बंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा पूर्ण सहयोग देने और राज्य सरकार में महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम के विलय की मांग पर विचार करने के लिए एक समिति गठित करने के बावजूद अपनी हड़ताल वापस नहीं लेने पर अड़े एमएसआरटीसी के कर्मचारियों को फटकार लगाई। न्यायमूर्ति एस जे कथावाला और न्यायमूर्ति एस पी तावड़े की अवकाश पीठ ने अपने आदेश में कहा कि एमएसआरटीसी के कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल/आंदोलन वापस लेने के लिए जो मांग की थी, महाराष्ट्र सरकार ने उसका पालन किया है और उस पर विचार कर रही है।

पीठ ने कहा, ‘‘हमें समझ में नहीं आता कि एमएसआरटीसी के कर्मचारी अब उस बात से पीछे क्यों हट गए, जिस पर वे खुद सरकार से बात करना चाहते थे।’’     पीठ ने राज्य सरकार ने एमएसआरटीसी कर्मचारियों की मांग के संबंध में पूरा सहयोग किया है। एमएसआरटीसी के कर्मचारियों का एक वर्ग 28 अक्टूबर से ड्यूटी पर नहीं आ रहा है, जो नकदी संकट से गुजर रहे निगम को राज्य सरकार के साथ मिलाने की मांग कर रहा है।

राज्य सरकार ने एमएसआरटीसी र्किमयों को राज्य सरकार के कर्मचारियों के रूप में माने जाने की मांग पर विचार करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस आशय का एक सरकारी प्रस्ताव सोमवार शाम को जारी किया गया और समिति ने अपनी पहली बैठक भी की।

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