Congress , broker of power

कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जमकर किया हंगामा, प्रशासन को सत्ता का दलाल कहकर जूते मारने जैसे लगाए नारे

हिमाचल : कुल्लू में शनिवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। यहां जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर आज दूसरी बार बैठक बुलाई गई थी। बैठक में सिर्फ 7 पार्षद उपस्थित हुए, लेकिन भाजपा समर्थित सदस्यों ने इससे किनारा कर लिया। इसके बाद लंबी तारीख दिए जाने पर विधायक और उपायुक्त आमने-सामने आ गए। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने यहां जमकर हंगामा किया। प्रशासन को सत्ता का दलाल कहकर को जूते मारने जैसे नारे लगाए गए। बता दें कि बीते दिनों हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाएं चुनने के लिए मतदान हुआ है। इसमें चुने गए जिला परिषद सदस्यों को परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनना है। बीते कई दिन से कुल्लू जिला परिषद के इन दोनों पदों के चयन की प्रक्रिया अधर में अटकी हुई है। एक बार पहले बैठक में कोरम पूरा नहीं हुआ था तो शनिवार को दूसरी बार बैठक बुलाई गई थी। आज कांग्रेस के 7 सदस्य ही बैठक में मौजूद रहे, जबकि भाजपा की ओर से एक बजे तक कोई भी नहीं पहुंचा। इसके बाद उप आयुक्त कुल्लू डॉक्‍टर ऋचा वर्मा ने समय अवधि बढ़ाते हुए 11 फरवरी का दिन चुनाव के लिए सुनिश्चित कर दिया। इस फैसले के तुरंत बाद कांग्रेस ने विरोध करना शुरू कर दिया। कुल्लू सदर के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर अन्य कांग्रेसियों के साथ जिला परिषद कार्यालय के अंदर ही जमीन पर बैठ गए। उन्होंने उप आयुक्त पर आरोप लगाया कि वह सरकार के इशारों पर काम कर रही हैं और मंत्री के दबाव में ही अब चुनाव की तारीख आगे बढ़ाई गई है। इस दौरान जिला परिषद कार्यालय के बाहर अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी सरकार के खिलाफ खूब नारे लगाए।

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