China

यूएन में शिनच्यांग मुद्दे पर चीन की प्रशंसा

जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय और स्विट्ज़रलैंड के अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में स्थित चीनी प्रतिनिधि छन शू ने 12 मार्च को चीनी-विदेशी मीडिया के लिये वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए न्यूज़ ब्रीफिंग आयोजित की। छन शू ने कहा कि यूएन मानवाधिकार परिषद के 46वें सम्मेलन में क्यूबा ने 64 देशों के प्रतिनिधि के रूप में 12 मार्च को भाषण दिया और चीन सरकार के जनता के उन्मुख अवधारणा की प्रशंसा की। क्यूबा ने चीन में मानवाधिकार कार्यों की उपलब्धियों का उच्च मल्यांकन किया। उन्होंने अपील की कि शिनच्यांग चीन का अविभाज्य हिस्सा है। 

उन्होंने संबंधित पक्षों से संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने अपील की कि संबंधित पक्षों को शिनच्यांग से संबंधित मामलों के जरिये   चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बंद करना चाहिये। साथ ही उन्हें राजनीतिक मकसद के चलते चीन पर अनुचित आरोप बंद करने और मानवाधिकार मुद्दे के बहाने विकासशील देशों के विकास को नहीं रोकना चाहिए। इस भाषण और हांगकांग मामले पर 71 देशों के प्रतिनिधि के रूप में बेलारूस द्वारा दिये गये भाषण से अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के अधिकांश सदस्यों का दृष्टिकोण जाहिर हुआ है। ये दोनों भाषण मानवाधिकार मुद्दे के राजनीतिकरण के विरोध के बारे में इन सदस्यों की आम राय के प्रतीक हैं।

छन शू ने कहा कि आजकल चीन का शिनच्यांग उईगुर स्वायत्त प्रदेश पूरे इतिहास में सबसे अच्छी विकास अवधि में है। आर्थिक व सामाजिक विकास और लोगों की आजीविका विकास आदि क्षेत्रों में शिनच्यांग ने अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। लेकिन चीन के विकास को रोकने और चीन की सुरक्षा व स्थिरता को नुकसान पहुंचाने के लिये कुछ देश और कुछ शक्तियां चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करती हैं। यहां तक कि वे “जातीय नरसंहार” आदि सनसनीखेज अफवाह फैलाते हैं। जिसका स्थानीय जनता कड़ा विरोध करती है। 

उन्होंने कहा कि पिछले 60 से अधिक सालों में शिनच्यांग में कुल आर्थिक मात्रा में 200 से अधिक गुना वृद्धि हुई है, जबकि लोगों की औसत जीवन प्रत्याशा 20 साल से 73 साल तक पहुंच चुकी है। पिछले 40 से अधिक सालों में शिनच्यांग में उईगुर जाति की जनसंख्या 55.5 लाख से 1.2 करोड   तक पहुंची।  

उन्होंने आगे कहा कि पिछले कुछ सों में 100 से अधिक देशों के 1200 से अधिक राजनयिक अधिकारियों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के अधिकारियों, संवाददाताओं और धार्मिक व्यक्तियों ने शिनच्यांग का दौरा किया। उन्होंने वहां जाकर शिनच्यांग की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शिनच्यांग की वास्तविक स्थिति कुछ पश्चिमी मीडिया की रिपोर्टों से पूरी तरह अलग है।

छन शू ने अपील की कि कोई भी चीन सरकार की तरह चीनी जनता के मानवाधिकार पर ध्यान नहीं देता। चीन परस्पर आदर और समानता के आधार पर सभी पक्षों के साथ मानवाधिकार क्षेत्र में रचनात्मक संचार करना चाहता है। लेकिन चीन राजनीतिक उद्देश्यों से बदनामी और लांछन लगाने का दृढ़ता से विरोध करता है।
(साभार---चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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