China

चीन: समावेशी विकास से ही असमानता व संघर्ष का खात्मा संभव

संयुक्त राष्ट्र में स्थित चीन के स्थायी प्रतिनिधि चांग च्युन ने 9 नवंबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के "सामाजिक बहिष्कार, असमानता और संघर्ष" की खुली बहस में भाषण देते हुए इस बात पर जोर दिया कि समावेशी विकास हासिल करना असमानता को दूर करने और संघर्षों के मूल कारणों को खत्म करने का मूल तरीका है।

चांग च्युन ने कहा कि समानता मानव समाज में एक शाश्वत मूल्य है। हालांकि, अफसोस की बात है कि 21वीं सदी में, देशों के बीच और भीतर असमानता अभी भी व्यापक रूप से मौजूद है, और यह अभी भी तनाव और संघर्ष का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। एकपक्षवाद और आधिपत्यवाद की व्यापकता वैश्विक शासन प्रणाली की अन्याय और अनुचित व्यवस्था को मजबूत कर रही है, जो अंतरराष्ट्रीय संबंधों में असमानता पैदा करने का मुख्य कारक है। कोविड-19 महामारी, जलवायु परिवर्तन, और उभरती प्रौद्योगिकियों के अनुप्रयोग भी अमीरी-गरीबी के अंतर और उत्तर-दक्षिण के विकास की खाई की चुनौतियों को बढ़ा रहे हैं, साथ ही नई असमानताएं पैदा कर रहे हैं। सुरक्षा परिषद सहित अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को इसे महत्व देना चाहिए, शांति और सुरक्षा के दृष्टिकोण से इसे शुरू करना चाहिए, समन्वय को मजबूत करते हुए इसका संयुक्त रूप से मुकाबला करना चाहिए।

चांग च्युन ने कहा कि समावेशी विकास हासिल करना असमानता को दूर करने और संघर्षों के मूल कारणों को खत्म करने का मूल तरीका है। वैश्वीकरण के युग में, दुनिया का दीर्घकालिक विकास इस तथ्य पर आधारित नहीं हो सकता है कि कुछ देश अधिक से अधिक समृद्ध होते जा रहे हैं, जबकि अन्य देश लंबे समय से गरीब और पिछड़े रहे हैं। मौलिक रूप से विकास में असमानता, अपर्याप्तता और असंतुलन की समस्याओं को समाप्त करके सभी देशों के समान विकास को साकार करने से ही दुनिया बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकती है। विकास को अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में एक प्रमुख स्थान पर रखा जाना चाहिए, एक खुली विश्व अर्थव्यवस्था के निर्माण को बढ़ावा देना जारी रखना चाहिए, और 2030 सतत विकास एजेंडा के पूर्ण कार्यान्वयन के लिए स्थितियां तैयार करनी चाहिए। 
( साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग )