China

पड़ोसी देशों के प्रति चीन की कूटनीति व्यापक रूप से हो रही है गहन

आठ वर्ष पहले चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बोआओ एशिया मंच के वार्षिक सम्मेलन में पड़ोसी देशों के प्रति चीन की कूटनीति पर प्रकाश डालते समय यह कहा कि पड़ोसी देशों के बीच एक-दूसरे को सुखमय व खुशहाल जीवन बिताने की अभिलाषा देनी चाहिये। बाद में यह अभिव्यक्ति कई बार शी चिनफिंग के बयानों में स्पष्ट हुई है। इससे जाहिर हुआ है कि चीन अच्छे पड़ोसी जैसे मैत्रीपूर्ण संबंधों पर बड़ा ध्यान देता है। शी चिनफिंग के इस विचार के नेतृत्व में चीन सक्रिय रूप से पड़ोसी देशों के साथ संबंधों का विकास करता है, सच्चे दिल से मित्र बनाता है। पड़ोसी देशों के प्रति चीन की कूटनीति व्यापक रूप से गहन हो रही है।

गौरतलब है कि अप्रैल 2013 में शी चिनफिंग ने पहली बार राष्ट्रपति की हैसियत से बोआओ एशिया मंच के वार्षिक सम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने पूरे एशिया की दृष्टि से चीन की कूटनीति पर प्रकाश डाला। ठीक उसी साल के अक्तूबर में नये चीन की स्थापना के बाद पहली बार पड़ोसी देशों के प्रति कूटनीति बैठक आयोजित की गयी। इसमें आगामी पांच से दस वर्षों तक पड़ोसी देशों के प्रति चीन का कूटनीति कार्य डिजाइन किया गया।

चीनी सामाजिक विज्ञान अकादमी के एशिया व प्रशांत और वैश्विक रणनीति अनुसंधान प्रतिष्ठान के शोधकर्ता शू लीफिंग के विचार में बीते आठ वर्षों में बेल्ट एन्ड रोड पहल समेत शी चिनफिंग द्वारा पेश किये गये नये विचारों व नये कदमों ने पड़ोसी देशों के प्रति चीन की कूटनीति का बड़ा विकास किया।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)


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