China actively participates , UN affairs

चीन अपनी विकास उपलब्धियों की प्राप्ति के साथ यूएन मामलों में सक्रिय रूप से भाग लेता है- यूएनडीपी अध्यक्ष

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की स्थापना 1965 में हुई, जो संयुक्त राष्ट्र की प्रणाली में सबसे बड़ी बहुपक्षीय गैर-प्रतिपूर्ति योग्य सहायता एजेंसी है, और साथ ही साथ यह चीन में कार्यालय खोलने वाली पहली संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों में से एक है। इस संस्था का उद्देश्य विकासशील देशों और क्षेत्रों को पूंजी और तकनीकी सहायता देकर उनके मानव प्रधानता वाले आर्थिक सामाजिक सतत विकास को बढ़ावा देना है। सन् 1972 में चीन ने यूएनडीपी कार्यों में भाग लेना शुरु किया। दोनों पक्षों के बीच सहयोग सन् 1978 में औपचारिक तौर पर आरंभ हुआ। अब तक, द्विपक्षीय सहयोग के तहत कई "देश योजनाओं" और "सहयोग ढांचे" को सफलतापूर्वक लागू किया है, जिनमें कृषि, उद्योग, ऊर्जा, सार्वजनिक स्वास्थ्य, गरीबी में कमी और आर्थिक पुनर्निर्माण आदि कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है। यूएनडीपी के अध्यक्ष अचिम स्टेइनर ने यूएनडीपी और चीन के बीच सहयोग के फलों के प्रशंसक हैं। 

उन्होंने कहा कि पिछले करीब 50 सालों में विकास पथ व नीति के क्षेत्र में यूएनडीपी और चीन एक दूसरे के सहयोगकर्ता हैं। एक तरफ़ यूएनडीपी चीन के विकास के लिए विकल्प और रणनीतियाँ प्रदान करता है। दूसरी तरफ़, यूएनडीपी ने हाल के वर्षों में चीन से कुछ सफल मामले भी सीखे हैं। मसलन् गरीबी उन्मूलन, यह पिछले 30-40 वर्षों में चीन द्वारा प्राप्त सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। स्टेइनर ने कहा कि चीन ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। चीन के घरेलू अक्षय ऊर्जा अनुसंधान व विकास और बाजार निवेश ने संबंधित उत्पादों की कीमतों को कम कर दिया है, जो अन्य देशों को अक्षय ऊर्जा में निवेश करने और इसका उपयोग करने के लिए अधिक अवसर प्रदान करता है।
इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र में चीन लोक गणराज्य की कानूनी सीट की बहाली की 50वीं वर्षगांठ है। यूएनडीपी अध्यक्ष स्टेइनर के विचार में चीन खुद के विकास की उपलब्धियां प्राप्त करने के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र के मामलों में ज्यादा से ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

( साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग )

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