border , Hindus returned home

अटारी सीमा पर जन्मे 'बॉर्डर' को नहीं मिली पाकिस्तान जाने की इजाजत, बकि 93 हिंदू वतन लौटे

कोरोना संकटकाल के कारण भारत में फंसे 93 पाकिस्तानी हिंदू सोमवार देर शाम अटारी सरहद के रास्ते जीरो लाइन पार कर अपने वतन लौट चुके हैं। हालांकि दो दिसंबर को अटारी सीमा पर पाकिस्तानी परिवार में जन्मे 'बार्डर' के चलते एक पाकिस्तानी परिवार के सात सदस्य अपने साथियों के साथ वतन नहीं लौट सके। अटारी सरहद में जन्मे बच्चे का पासपोर्ट बनवाने के बाद ही यह पाकिस्तानी हिंदू परिवार अपने घर लौट सकेगा। भाजपा स्टेट कार्यकारिणी के सदस्य अनुज भंडारी की पहल के बाद कल रवाना होने वाले 93 पाकिस्तानी हिंदुओं को केंद्र सरकार ने अटारी सीमा के रास्ते पाकिस्तान लौटने की विशेष मंजूरी दी। करीब ढाई साल पहले पाकिस्तान के सिंध से भारत में आए 99 पाकिस्तानी हिंदू कोविड संकटकाल के चलते भारत में फंस कर रह गए थे। इस दौरान यह लोग राजस्थान में मेहनत मजदूरी करते रहे और करीब 75 दिन पहले अपने वतन लौटने की चाहत के साथ अटारी सीमा पर पहुंचे। 

कई लोगों के पासपोर्ट की वैद्यता खत्म हो चुकी थी। कई पाकिस्तानी हिंदुओं के दस्तावेजों में खामियां थी। इसके चलते इमीग्रेशन अधिकारियों ने इन्हें अटारी सीमा के रास्ते पाकिस्तान जाने की इजाजत नहीं दी। इसके बाद से ही यह सभी सीमांत गांव अटारी के पास आशियाना बनाकर रहने को मजबूर थे। इस बीच दो दिसंबर को पाकिस्तानी हिंदू महिला ने वहीं एक बच्चे को जन्म दिया और इनकी संख्या 99 से बढ़कर 100 हो गई। अनुज भंडारी ने कहा कि वे लगातार डिप्टी कमिश्नर अमृतसर, एसएसपी देहात, जोधपुर (राजस्थान) के आईजी पुलिस और वहां के सांसद के साथ लगातार संपर्क में हैं। पिछले दो माह से अटारी के पास गुरुद्वारा साहिब के प्रबंधकों ने इन लोगों के लिए लंगर व चाय-पानी का प्रबंध किया। उन्होंने बताया कि कल 93 पाकिस्तानी हिंदू अपने वतन लौट गए हैं और यहां रह गए पाकिस्तानी हिंदू परिवार को भी जल्द वापस भेजा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी संपर्क करेंगे।  

भाजपा स्टेट कार्यकारिणी के सदस्य अनुज भंडारी ने बताया कि अटारी सरहद पर फंसे बार्डर सहित 100 लोगों का इमीग्रेशन हो गया। यह सभी पाकिस्तानी हिंदू अटारी सीमा पार कर वाघा भी पहुंचे, क्योंकि भारत में जन्मे 'बार्डर' का जन्म प्रमाणपत्र नहीं था तो पाक रेंजर्स ने बच्चे को पाकिस्तान ले जाने की इजाजत नहीं दी। जिसके चलते यह दंपती अपने नवजात और चार अन्य बच्चों के साथ भारत लौट आया। अनुज भंडारी ने बताया कि बच्चे 'बार्डर' के जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया गया था। प्रमाणपत्र मंगलवार शाम तक परिवार को मिल गया है। अब वे 'बार्डर' का जन्म प्रमाणपत्र व भारत में रह गए पाकिस्तानी हिंदू परिवार के दस्तावेज पाक दूतावास भेजेंगे, ताकि पाकिस्तान जाने के लिए दस्तावेज तैयार किए जा सकें। फिलहाल यह दंपती अटारी गांव के पास एक कमरे में रहेगा।




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