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खूनी बंदूक ने तोड़ा "अमेरिकी लोकतंत्र"

अमेरिका के केंटकी स्टेट में सांसद थॉमस मैसी ने हाल ही में ट्विटर पर क्रिसमस की खुशियां मनाते हुए एक पारिवारिक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें पुरुष, महिलाएं, बुढ़े और बच्चे सभी के हाथ में एक बंदूक है, और उनके चहरे पर चमकदार मुस्कान है। तस्वीर पर “सांता क्लॉस, कृपया गोला बारूद दें” वाले शब्द लिखा गया है। कुछ दिन पहले, अमेरिका में एक बार फिर स्कूल में शूटिंग की घटना हुई। मिशिगन स्टेट में 15 वर्षीय एक हाई स्कूल छात्र ने 4 विद्यार्थियों पर गोलियां बरसाते हुए हत्या कर दी। उसके हाथ में बंदूक उसके माता-पिता की ओर से क्रिसमस का एक तोहफा है। अमेरिका "मानवाधिकारों के संरक्षण" को बाहरी दुनिया में अमेरिकी लोकतंत्र को बढ़ावा देने के कारणों में से एक मानता है। 

हालांकि, अमेरिकी लोगों के जीवन के सबसे बुनियादी अधिकार की रक्षा करना मुश्किल है। अमेरिकी राजनयिक अभी भी उन पीड़ितों के परिवारों के घावों पर नमक छिड़क रहे हैं। क्या अमेरिकी लोकतंत्र मानवाधिकारों की रक्षा करता है या मानवाधिकारों का उल्लंघन करता है? जैसा कि एक चीनी थिंक टैंक ने हाल ही में “अमेरिकी लोकतंत्र के बारे में दस प्रश्न” शीर्षक रिपोर्ट जारी कर कहा कि बंदूकों का प्रसार प्रत्येक अमेरिकी के बुनियादी मानवाधिकारों के लिए खतरा है, और अमेरिकी लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत एक लाइलाज दर्द बन गया है। सबंधित आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में दुनिया में सबसे कमजोर बंदूक कानून और सबसे ज्यादा बंदूकें हैं, जहां लगभग 39.3 करोड़ बंदूकें हैं। अन्य उच्च आय वाले देशों के लोगों की तुलना में अमेरिकियों के गोलीबारी में शिकार होने की संभावना 25 गुना अधिक है। बंदूकों का खतरा हर अमेरिकी की याद में घुसा हुआ है।

अमेरिका खुद को "लोकतंत्र का प्रकाशस्तंभ" और मानवाधिकार का रक्षक मानता है, बंदूक हिंसा के तहत इतने सारे जीवन व्यर्थ क्यों अमेरिकी सरकार को उपाय करने के लिए जगाने में विफल रहते हैं? अमेरिका में बंदूक नियंत्रण इतना कठिन क्यों है? एक तरफ, अमेरिकी राजनीतिक व्यवस्था और कानूनी व्यवस्था में मौजूद कमियां सबसे प्रत्यक्ष तौर पर बंदूक नियंत्रण विधेयक के पारित होने में बाधा डालती हैं। इसके अलावा, बंदूक नियंत्रण के मुद्दों पर संघीय सरकार और राज्य सरकारों का रुख अलग-अलग हैं और यहां तक ​​कि एक-दूसरे को बाध्य भी करते हैं। डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टियों के बीच संघर्ष से स्थिति और भी खराब है। बंदूक नियंत्रण के मुद्दे पर पैसे की राजनीति भी है। 

अमेरिकी राष्ट्रीय बंदूक संघ (एनआरए) सबसे बड़ा गन मालिक संगठन है और देश में शक्तिशाली हित समूह भी है, जिसमें कम से कम 50 लाख सदस्य और बड़ी मात्रा में धन है, जिसका राष्ट्रपति चुनाव, कांग्रेस के चुनाव और यहां तक कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। इसलिए, भले ही अमेरिकी लोगों की बंदूक नियंत्रण की मांग बढ़ रही हो, उनकी आवाज़ों को हमेशा नजरअंदाज किया जाता है। यह एक चौंकाने वाले तथ्य की ओर ले जाता है: अमेरिका में बंदूक की नोक पर लोगों का जीवन लगातार खत्म होता जा रहा है, और राजनयिक न केवल उदासीन हैं, बल्कि आग में घी डालने का काम करते हैं। केवल बंदूक नियंत्रण का मुद्दा ही अमेरिकी लोकतंत्र की कमियों को प्रकट करता है।
( साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग )