Black Agriculture Act , martyr farmers

काले कृषि कानून: शहीद किसानों को समर्पित 17 सितंबर को पंजाब में कैंडल मार्च निकालेगी ‘AAP’

चंडीगढ़ : आम आदमी पार्टी (आप) तीनों काले कृषि कानूनों के विरोध में शुक्रवार को पंजाब भर में कैंडल मार्च निकालकर शहीद हुए किसानों को श्रृद्धांजलि भेंट करेगी और 17 सिंतबर को काले दिवस के रूप में मनाएगी। वीरवार को पार्टी हेडक्वार्टर से जारी बयान में पार्टी के प्रवक्ता, किसान विंग के प्रदेशाध्यक्ष और विधायक कुलतार सिंह संधवा ने यह जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र में मोदी सरकार द्वारा बनाए इन काले कानूनों के खिलाफ देश भर के किसानों में भारी रोष व्याप्त है। इनके विरोध में देश के किसान एक वर्ष से देश भर में धरने पर डटे हुए हैं और कुर्बानियां दे रहे हैं। संधवा ने कहा कि पंजाब में मौजूदा कैप्टन सरकार की सहमति से ही केंद्र की मोदी सरकार ने तीनों काले कृषि कानून बनाकर कृषि, किसान और अन्य सभी निर्भर वर्गों की आर्थिक बर्बादी की इबारत लिखी। संधवा के अनुसार इस बर्बादी के लिए नरेंद्र मोदी समेत कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रकाश सिंह बादल बराबर के जिम्मेदार हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में 17 सितंबर को तीनों काले कृषि कानून बिल लोकसभा में पास किए गए थे। इसलिए यह दिन काले दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इसके बाद 20 सितंबर 2020 को इन्हें राज्यसभा में पास किया गया। उसी समय से देश के किसान तीनों काले कृषि कानूनों को रद्द करवाने के लिए देश भर में धरने देकर संघर्षरत हैं। 

कुलतार सिंह संधवा ने बताया कि एक साल की इस समयावधि में इन काले कानूनों का विरोध करने वाले 600 से अधिक किसान शहीदी हासिल कर चुके हैं। किसान प्रदेश में कैप्टन सरकार और केंद्र में मोदी सरकार को स्पष्ट कर चुके हैं कि कृषि कानून रद्द नहीं किए जाने तक वे धरने से नहीं उठेंगे। आप ने कहा कि केंद्र सरकार के साथ पंजाब में कैप्टन सरकार ने किसानों के साथ धोखाधड़ी की है। जिन किसानों ने कैप्टन अमरिंदर सिंह व उनकी पार्टी को अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी, उसी कांग्रेस सरकार ने केंद्र सरकार के साथ मिलकर अन्नदाता के साथ विश्वासघात किया है। संधवा ने कहा कि पंजाब समेत हरियाणा व उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के किसान और किसान नेताओं के साथ आप हर मोर्चे पर डटकर खड़ी है। अकाली दल बादल की ओर से 17 सितंबर को काला दिवस मनाए जाने के संबंध में कुलतार सिंह संधवा ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘बादल एवं कंपनी को अपने चेहरे पर पश्चाताप की कालिख पोत कर काला दिवस मनाना चाहिए’, क्योंकि बादल परिवार ने काले कृषि कानून बनाने में योगदान किया है। यदि हरसिमरत कौर बादल ऑर्डिनेंस पर बतौर केंद्रीय मंत्री हस्ताक्षर नहीं करती तो किसानों के लिए काला दिन कभी नहीं आता। 

भगवान प्रधानमंत्री को सत्बुद्धि बख्शें: आप 
‘आप’ ने 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिवस पर बधाई देते हुए उनकी दिर्घायु की प्रार्थना की। आप ने यह भी कामना की कि भगवान उन्हें सतबुद्धि प्रदान करें, ताकि वह चंद कॉर्पोरेट घरानों के बजाय देश के अन्नदाता और आमजन को समर्पित हों। प्रधानमंत्री लोकतांत्रिक मुल्यों को मजबूती प्रदान कर देश के अन्नदाता, आमजन के प्रति सकारात्मक सोच रखते हुए अपने हठ का त्याग कर काले कृषि कानूनों को रद्द करें। संधवा के अनुसार प्रधानमंत्री में तानाशाह हिटलर की आत्मा प्रवेश कर गई है। इसलिए वह लोकतंत्र के रास्ते से भटक गए हैं। यदि प्रधानमंत्री लोकतांत्रिक मुल्यों के साथ लोकहित में काम नहीं कर सके तो कहीं ऐसा न हो कि उनके जन्मदिन को देश काले दिवस के रूप में मनाने लगे।

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