Xinjiang

शिनच्यांग में गरीबी उन्मूलन के फलों की मजबूती में द्विभाषी शिक्षा बनेगी प्रेरक शक्ति

14 नवम्बर 2020 तक,चीन के शिनच्यांग उईगुर स्वायत्त प्रदेश में 32 गरीब काउंटियां, 3666 गरीब गांव कुल 30 लाख 89 हज़ार गरीब लोग गरीबी से पूरी तरह निकल गए हैं। लेकिन गरीबी समाप्त करना निश्चित रूप से गरीबी का अंत नहीं है। देश में गरीबी उन्मूलन की नींव अभी भी मजबूत नहीं है, और गरीबी में वापस जाने का जोखिम फिर भी मौजूद है।

गरीबी दूर करने के दौरान शिक्षा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, और भविष्य में गरीबी उन्मूलन के फलों को मजबूत करने और आर्थिक उत्थान के दौरान एक प्रेरक शक्ति भी बनी रहेगी।
युवाओं की रोजगार और सूचना तकनीक क्षमता में सुधार करने के लिए, शिनच्यांग की विभिन्न स्तरीय स्थानीय सरकार ने 2020 के अंत तक अल्पसंख्यक जातीय प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में चीनी भाषा और अल्पसंख्यक भाषाओं के लोकप्रियकरण के लिए द्विभाषी शिक्षा योजना तैयार की।

अभी यह योजना मूल रूप से महसूस की गई है और द्विभाषी शिक्षा को स्वीकार करने वाले प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में छात्रों की संख्या 26 लाख तक जा पहुंची है। अल्पसंख्यक छात्रों को राष्ट्रीय भाषा में महारत हासिल करने से उनके भावी रोजगार और कॉलेजों में पढ़ाई के लिए एक अच्छी नींव स्थापित हुई है। द्विभाषी शिक्षा को बढ़ाने के लिए केंद्र और स्थानीय सरकारों ने द्विभाषी शिक्षा वातावरण में सुधार लाने के लिए लगातार निवेश भी किया है।

स्कूलों के अलावा कई द्विभाषी किंडरगार्टन भी स्थापित किये गये हैं, जिसमें अल्पसंख्यक जातीय बच्चों को बचपन से ही राष्ट्रभाषा और अपनी जातीय भाषा दोनों सीखने का अवसर मिलता है। इस योजना से शिनच्यांग प्रदेश में हज़ारों परिवारों को लाभ मिल रहा है। इसके साथ-साथ शिनच्यांग उईगुर स्वयत्त प्रदेश में हान भाषीय स्कूलों में हान जातीय छात्रों को भी एक अल्पसंख्यक जातीय भाषा सीखनी होती है, जिससे विभिन्न जातियों के बीच पारस्परिक समझ और मैत्री मजबूत होती है।

शिन्चायंग के कुछ क्षेत्रों में प्राकृतिक वातावरण बहुत खराब है, जहां आर्थिक विकास का स्तर उन्नत भी नहीं है। शिक्षा से गरीबी उन्मूलन पर बड़ा ध्यान दिया जाता है। स्थानीय गरीब नागरिकों के शैक्षिक स्तर को उन्नत करने, उन्हें जीवन तकनीकों का प्रशिक्षण करने जैसे उपाय अपनाए गए। इन कदमों से गरीब जनसंख्या को समृद्ध जीवन के लिए आंतरिक प्रेरित शक्ति मिली है। 
  
 इधर के सालों में दक्षिण शिनच्यांग में वस्त्र, छोटे घरेलू उपकरण और फल प्रसंस्करण जैसे कई श्रम प्रधान उद्यम बनाए गए हैं। द्विभाषी शिक्षा पाने वाले अल्पसंख्यक जातियों के लोग दूसरों की तुलना में ज्यादा आसानी से इन उद्यमों में रोजगार पा सकते हैं। इससे वे घर के आसपास काम कर सकते हैं और स्थाई आय प्राप्त करते हैं, उनका जीवन धीरे-धीरे समृद्ध होने लगा है।    
  
 उधर, शिन्च्यांग में पर्यटन संसाधान बहुत प्रचुर है। खास प्राकृतिक दृश्य और जातीय रीति-रिवाज़ हर साल बड़ी संख्या में देसी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। स्थानीय अल्पसंख्यक जातीय लोग भाषा वाले संसाधन के माध्यम से पर्यटन सेवा करने में सक्रिय हैं। पर्यटन उद्योग के विकास से वे अतिरिक्त आय कमाते हैं। 
 (साभार---चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)


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