These bodies may not belong to Bihar

बिहार : ये लाशें बिहार की नहीं पड़ोसी राज्य की हो सकती हैं : एस.डी.ओ.

कोरोना महामारी की पहली लहर से ज्यादा कोरोना महामारी की दूसरी लहर से लोगों की ज्यादा ही मौतें हो रही हैं। इस दौरान कोरोना से मरने वालों लोगों के आंकड़ों में भले ही फेरबदल संभव हो लेकिन बक्सर के महादेव घाट पर बहकर आए शवों के अंबार ने बयां कर दिया है कि त्रासदी कितनी बड़ी है। जिला प्रशासन ने इस सम्बन्ध से पल्ला झाड़ते हुए कह दिया कि ये लाशें पानी में बहकर आ रहे हैं बिहार या बक्सर की नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश की लाशें हैं। हालांकि जैसे ही इस घटना का वीडियो सामने आया जिला प्रशासन के हाथ खड़े हो गए और लाशों के अंबार पर गोलमोल जवाब देने का सिलसिला शुरू हो गया। बी.डी.ओ. ने साफ तौर पर कहा कि ये लाशें हमारे प्रदेश की नहीं हैं। 

उन्होंने कहा कि हम लोगों ने घाट पर एक चौकीदार को नियुक्त कर रखा है ताकि यहां लाशों का समुचित तरीके से अंतिम संस्कार किया जा सके। इसी घटना ने बक्सर सहित अन्य जिलो में तबाही मचा रखी है। इस सम्बन्ध में गांववासी नरेंद्र कुमार मौर्य ने बताया कि चौसा घाट की स्थिति काफी दयनीय है और कोरोना संक्रमण के कारण यहां रोज लाशें सैंकड़ों की गिनती में देखने को मिलती हैं। उन्होंने कहा कि इन लाशों को जलाने के लिए लकड़ी की व्यवस्था नहीं होने से पड़ोसी राज्य गंगा में ही फेंक देते हैं जिससे कोरोना संक्रमण फैलने का डर बना हुआ हैं।

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