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राम मंदिर की जमीन खरीद में बड़े घोटाले का आरोप, चंद मिनटों में 2 से 18 करोड़ हुई जमीन की कीमत

नई दिल्ली: अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीन में बड़े घोटाले का आरोप लगा है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने संस्था के सदस्य अनिल मिश्रा की मदद से दो करोड़ रुपए कीमत वाली जमीन 18 करोड़ रुपए में खरीदी। उन्होंने कहा कि यह सीधे-सीधे धन शोधन का मामला है और इसकी जांच होनी चाहिए।

2 करोड़ रुपए में खरीदी जमीन 
संजय सिंह ने कुछ दस्तावेज पेश करते हुए दावा किया कि, "कोई कल्पना भी नहीं कर सकता कि भगवान श्री राम के नाम पर कोई घोटाला और भ्रष्टाचार करने की हिम्मत करेगा। राम जन्मभूमि ट्रस्ट के नाम पर चंपत राय जी ने करोड़ों रुपए चंपत कर दिए।" उन्होंने दावा किया कि अयोध्या सदर तहसील के बाग बिजैसी गांव में पांच करोड़ 80 लाख रुपये की मालकियत वाली गाटा संख्या 243, 244 और 246 की जमीन सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी नामक व्यक्तियों ने कुसुम पाठक और हरीश पाठक से 18 मार्च को दो करोड़ रुपए में खरीदी थी।

5 मिनट में 18 करोड़ हो गयी जमीन की कीमत 
उन्होंने कहा कि शाम सात बजकर 10 मिनट पर हुई इस जमीन खरीद में राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा और अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय गवाह बने थें। साथ ही आरोप लगाया कि उसके ठीक पांच मिनट के बाद इसी जमीन को चंपत राय ने सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी से साढ़े 18 करोड़ रुपए में खरीदा, जिसमें से 17 करोड़ रुपए आरटीजीएस के जरिए पेशगी के तौर पर दिए गए। 5 मिनट में ही 2 करोड़ की जमीन साढ़े 18 करोड़ की हुई। जमीन की कीमत कैसे बढ़ी? 


चंपत राय ने दिया जवाब
वहीं दूसरी ओर राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि लोग पिछले 100 साल से हम पर आरोप लगा रहे हैं। हम पर महात्मा गांधी की हत्या का भी आरोप लगाया गया था। हमें इस तरह के आरोपों की परवाह नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित लोग जमीन खरीद के संबंध में समाज को गुमराह करने के लिए भ्रामक प्रचार कर रहें हैं। 

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