Delta Plus variant

Delta Plus Variant का बड़ा खतराः Mumbai में महिला की मौत, बुजुर्ग को लग चुकी थी दोनों डोज

नई दिल्लीः देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर से बहुत लोगों की जान गई। इसके बाद अब देश में नया डेल्टा प्लस वेरिएंट का खतरा बढ़ना शुरू हो गया है। इस वायरस से आज मुंबई में 63 साल की महिला की पहली मौत दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात ये है कि उसकी ट्रैवल हिस्ट्री भी नहीं थी। हालांकि, जानकारी मिली है कि महिला के फेफड़ों में संक्रमण था। वह कोरोना से संक्रमित होने के पहले से बीमार थी। सबसे चिंता की बात ये है कि महिला के परिवार के 6 सदस्य भी कोरोना से संक्रमित हैं। 

इनमें से दो में डेल्टा प्लस वेरिएंट की पुष्टि हुई है। हालांकि, दोनों की हालत ठीक है। जबकि परिवार के 4 सदस्यों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। दरअसल जुलाई में घाटकोपर में रहने वाली एक महिला की मौत कोरोना वायरस के डेल्टा प्ल्स वेरिएंट से हुई थी। महाराष्ट्र में डेल्टा प्लस वेरिएंट से होने वाली यह दूसरी मौत है। बता दें कि पहला मामला 13 जून को सामने आया था जब एक 80 वर्षीय महिला की डेल्टा प्ल्स वेरिएंट के कारण मौत हो गई थी। 11 अगस्त को यह जानकारी साझा की गई की मुबंई में महिला की मौत डेल्टा प्ल्स वेरिएंट से हुई थी। राज्य सरकार द्वारा बीएमसी को जानकारी दी गई है कि जीनोम सीक्वेंसिंग जांच में पता चला है कि मुंबई में 7 लोग डेल्टा प्ल्स वेरिएंट से संक्रमित है। 

वहीं इन मरीजों के संपर्क में आए लोगों से बीतचीत करनी शुरू की जा चुकी है। बता दें कि यह महिला उन 7 लोगों से एक थी जो डेल्टा प्ल्स वेरिएंट से संक्रमित थे। अधिकारियों को उनके परिवार ने बताया कि महिला की मौत 27 जुलाई को हो गई थी। वहीं अब महिला के संपर्क में आने वाले दो लोग डेल्टा प्लस वेरिएंट से संक्रमित पाए गए हैं। महाराष्ट्र में डेल्टा प्लस वेरिएंट के अब तक 65 केस सामने आ चुके हैं। वहीं, मुंबई में अब तक 11 केस मिले हैं। डेल्टा प्लस वेरिएंट को भारत सरकार पहले ही वेरिएंट ऑफ कंसर्न घोषित कर चुकी है।

गौरतलब है कि डेल्टा प्लस वेरिएंट से संक्रमित लोगों में अब तक ऐसे कोई लक्षण नहीं दिखे जो डेल्टा से अलग हों। कोविड के डेल्टा वेरिएंट में जैसे पेटदर्द, उल्टी, भूख न लगना, जोड़ों में दर्द जैसी दिक्कतें देखी गई हैं, वहीं लक्षण डेल्टा प्लस में भी सामने आए हैं। भारत सरकार का दावा है कि डेल्टा वैरिएंट पर भारत में उपलब्ध कोविशिल्ड और कोवैक्सिन दोनों असरदार हैं लेकिन विदेश में हुए रिसर्च के मुताबिक वैक्सीन डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ शरीर में कुछ कम ऐंटीबॉडी बनाती हैं। धुले के बाद आदिवासी बहुल जिला नंदुरबार उत्तर महाराष्ट्र का दूसरा कोविड-मुक्त जिला बन गया है। विदर्भ का भंडारा जिला भी इस महीने की शुरुआत में कोविड-मुक्त हो गया था। नंदुरबार में कोविड के एकमात्र मरीज को बुधवार शाम अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। 2 अगस्त के बाद से जिले में कोई भी नया कोविड का मामला सामने नहीं आया है।

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