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बाबुल सुप्रियो के TMC में शामिल होने से BJP पर नहीं पड़ेगा कोई असर

कोलकाताः पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल होने के एक दिन बाद बीजेपी की पश्चिम बंगाल इकाई ने दावा किया कि इसका पार्टी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। पश्चिम बंगाल के भाजपा नेताओं ने सुप्रियो को एक 'अवसरवादी' करार दिया, जो 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी में शामिल हो गए थे और केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाए जाने पर तुरंत चले गए। पश्चिम बंगाल में भाजपा कैडर का मानना है कि वह (सुप्रियो) न तो लोकप्रिय थे और न ही कैडर के बीच उनका प्रभाव था। इससे पहले  मुकुल रॉय समेत बीजेपी के चार विधायक तृणमूल में शामिल हुए हैं। 

बीजेपी पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि सुप्रियो ने अपने लोकसभा क्षेत्र आसनसोल में कैडर और लोगों के बीच अपनी लोकप्रियता खो दी है। वह 8 महीने से अधिक समय से अपने निर्वाचन क्षेत्र से पूरी तरह से गायब थे। इसलिए सुप्रियो 5 महीने पहले विधानसभा चुनाव हार गए। घोष ने कहा कि उनकी एकमात्र प्राथमिकता लोगों के लिए काम किए बिना मंत्री बने रहना है। केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाए जाने के तुरंत बाद, बाबुल ने राजनीति छोड़ने की घोषणा की। 2 दिनों के अंदर उन्होंने अपना विचार बदल दिया और कहा कि वह आसनसोल के लोगों की सेवा करने के लिए वह सांसद बने रहेंगे। कल, वह टीएमसी में शामिल हो गए। उनका एकमात्र एजेंडा सेवा नहीं पद है।

बता दें कि, जुलाई में केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाए गए सुप्रियो शनिवार को टीएमसी में शामिल हो गए। उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए घोषणा की थी कि उन्होंने राजनीति छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने पोस्ट में यह भी कहा था कि वह संसद सदस्य के रूप में भी इस्तीफा दे रहे हैं। बाद में, भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा के साथ बैठक के बाद, सुप्रियो ने कहा कि वह सांसद के रूप में काम करना जारी रखेंगे।



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