Halahari, Ashadhi Amavasya

हलहारिणी, आषाढ़ी अमावस्या पर जानिए शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में

आज शुक्रवार के दिन यानि के 9 जुलाई को हलहारिणी अमावस्या मनाई जा रही है। हिन्दू धरम में इस अमावस्या का बहुत अधिक महत्व माना गया है। मा जाता है के यह दिन किसानो के लिए बहुत ही शुभ और अच्छा होता है। क्योंकि आषाढ़ मास की इस अमावस्या के समय तक वर्षा ऋतु का आरंभ हो जाता है और धरती भी नम पड़ जाती है। इस दिन किसानो द्वारा अपने हल की पूजा की जाती है। इस दिन को आषाढ़ी अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन पितृ निवारण करने के लिए दिन बहुत ही उत्तम माना गया है, पितृ पूजन से जीवन के समस्त कष्ट दूर होते हैं। इस दिन भूखे प्राणियों को भोजन कराना चाहिए। आषाढ़ी अमावस्या के दिन सुबह स्नानादि से निवृत्त होकर पितृ तर्पण करने के बाद आटे की गोलियां बनाएं बनाकर किसी तालाब या नदी में रह रहे मछलियों को खिलाने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं। आइए जानते है इसके शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में :

पूजा विधि-
1. हलहारिणी अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठ कर ब्रह्म मुहूर्त में किसी पवित्र नदी या तीर्थ में स्नान करें।

2. सूर्य उदय होने के समय भगवान सूर्यदेव को जल का अर्घ्य दें।

3. इस दिन पितृ तर्पण करें। अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए व्रत रखें।

4. आटे की गोलियां बनाएं बनाकर किसी तालाब या नदी में मछलियों अथवा अन्य जीव-जंतुओं को खिलाएं।

5. गरीब या जरूरतमंदों को दान-दक्षिणा दें।

Live TV

Breaking News


Loading ...