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नए नियमों पर IT मंत्री अश्विनी वैष्णव का पहला बयान- Twitter को हर हाल में मानना पड़ेगा कानून

नई दिल्ली: देश के नए सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपना पद संभालते ही माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर और सरकार में चल रहे विवाद पर पहला बयान दिया है। अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारत में जो भी व्यक्ति है और जो भी कंपनी है, उन सभी को देश का कानून मानना होगा। नए आईटी मंत्री ने कहा कि 'देश का कानून सबसे ऊपर है और ट्विटर को नियम मानने ही होंगे।'

वैष्णव ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद कहा, ‘मैं माननीय प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मुझे देश की सेवा करने का महान अवसर दिया। दूरसंचार, आईटी और रेलवे, तीनों में काफी तालमेल है और मैं यह सुनिश्चित करने के लिए काम करूंगा कि उनके विजन को पूरा किया जाए।’ वैष्णव इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय तथा संचार मंत्रालय में वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद की जगह लेंगे।

बता दें कि ट्विटर को दिल्‍ली हाईकोर्ट ने भी फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने नराजगी जताते हुए कहा कि कंपनी ने भारत सरकार की ओर से बनाए गए नए आईटी नियमों का पालन नहीं किया है। इसके साथ ही ट्विटर की ओर से शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति को लेकर देरी की जा रही है। दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति रेखा पाली ने ट्विटर के प्रतिनिधियों से सवाल किया कि आपको इस प्रक्रिया में कितना और समय लगेगा। दिल्ली हाईकोर्ट में ट्विटर ने माना कि कंपनी ने भारत सरकार की ओर से बनाए गए नए आईटी नियमों का पालन नहीं किया है। इस पर हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि अब केंद्र सरकार पर ट्विटर पर कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है और अब कंपनी को सुरक्षा नहीं दी जा सकती। दिल्‍ली हाईकोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा, "ये प्रक्रिया कब तक पूरी होगी? अगर ट्विटर को लगता है कि वो अपनी मर्जी से जितना समय लेना चाहता है ले सकता है तो हम ऐसा होने नहीं देंगे।"  

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