Anurag's dream , Central University

अनुराग का ड्रीम प्रोजैक्ट केंद्रीय विश्वविद्यालय 12 साल के बाद धरातल पर उतरा

हमीरपुर : केंद्रीय राज्य वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर का ड्रीम प्रोजैक्ट केंद्रीय विश्वविद्यालय आखिरकार लगभग 12 साल के बाद धरातल पर उतर ही गया। इसके पीछे उनकी लंबी जद्दोजहद और संघर्ष का दौर रहा, काफी समय तक यह राजनीतिक मुद्दा भी बना रहा। आखिरकार इन सभी बाधाओं को पार पाकर अब यह धरातल पर उतरा है। अनुराग का दृढ़ संकल्प जो इस सपने के लिए उन्होंने अपनी दिन रात एक कर दी फिर चाहे वह यूपीए सरकार के दौरान उनका संघर्ष रहे अपनी ही सरकार में उसके लिए संघर्ष करना पड़ा, क्योंकि यह काफी है किस प्रसिद्ध था देहरा एक ऐसा क्षेत्र था, जहां पर यह तक सुनने को मिला कि ‘देहरा कोई नहीं तेरा’, पर अनुराग ठाकुर ने अपनी इच्छा शक्ति और काबिलियत के दम पर देहरा के लिए यह कर दिखाया। राजनीति के चलते देहरा और धर्मशाला के बीच झूल रहे केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 512 करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी है। 

केंद्रीय विश्वविद्यालय के पास अब भवन निर्माण शुरू करने के लिए धमर्शाला और देहरा में जमीन उपलब्ध है। इसके निर्माण के लिए लगभग 300 हैक्टेयर जमीन की जरूरत है, जबकि विश्वविद्यालय के पास धर्मशाला में 25 हैक्टेयर और देहरा में 116 हैक्टेयर जमीन उपलब्ध है। देहरा में केंद्रीय विश्वविद्यालय के साऊथ ब्लॉक बनने का रास्ता चाहे साफ हो गया है लेकिन धर्मशाला में विश्वविद्यालय के नॉर्थ ब्लॉक कहां बने या अभी तय नहीं है, हालांकि प्रदेश सरकार ने जो जदरांगल में केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन चिन्हित की है, इसमें से 25 हैक्टेयर जमीन केंद्रीय विश्वविद्यालय के नाम हो गई है लेकिन यह जमीन ऐसी है जिसमें भवन निर्माण कानूनन संभव नहीं है। केंद्रीय विश्वविद्यालय की भवन निर्माण कमेटी की बैठक शीघ्र ही बुलाई जानी संभावित है पर इसके लिए जो एजेंडा तय किया गया है उसे स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा गया है। 

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