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अमेरिका पहले नस्लीय भेदभाव की समस्या का समाधान करे

अमेरिका तथाकथित लोकतंत्र शिखर बैठक आयोजित करने वाला है ।लेकिन लोकतंत्र समग्र मानव का समान मूल्य है ।उसे पूरा करने वाले कई तरीके हैं ।एक ही देश को उसे तय करना चाहिए ।लोकतंत्र शिखर बैठक अमेरिका की सामाजिक समस्याओं को नहीं छिपा सकती है और अमेरिका के नाम को रोशन भी नहीं दे सकती ।अगर अमेरिका वैश्विक लोकतंत्र का नेतृत्व करना चाहता है ,तो पहले उसे अपने नस्लीय भेदभाव के मुद्दे का समाधान करना चाहिए। 

अमेरिकी स्वतंत्र जनमत सर्वे संस्थान प्यू रिसर्च केंद्र द्वारा इस अक्तूबर के अंत में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार 74 प्रतिशत अमेरिकी नागरिकों के विचार में नस्लीय भेदभाव अमेरिकी समाज में एक गंभीर समस्या है ।अमेरिकी नेता का भी मानना है कि व्यवस्थित नस्लीय भेदभाव अमेरिका की आत्मा में एक कलंक है ।

अमेरिकी समाज में भरा नस्लीय भेदभाव अमेरिकी स्टाइल के लोकतंत्र की निष्क्रियता का एक अकाट्य सबूत है ।अमेरिकी फोर्ड कोष के विचार में श्वेत नागरिकों के सर्वोपरि होने की विचारधारा अमेरिकी लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है ।हावर्ड विश्वविद्यालय द्वारा जारी एक सर्वे के मुताबिक 52 प्रतिशत युवा अमेरिकियों के विचार में अमेरिकी लोकतंत्र कठिनाई में पड़ा है । अधिकांश अमेरिकी नागरिक अपने लोकतंत्र से निराश हैं ।तो अमेरिका सरकार के मन में तथाकथित लोकतंत्र शिखर बैठक बुलाने का साहस कहां से आया ।अमेरिका की कुचेष्टा निश्चय ही विफल होगी ।(साभार---चाइना मीडिया ग्रुप , पेइचिंग) 

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