Corona

कोरोना के साथ संघर्ष में अमेरिका सबसे विफल देश

वर्तमान में अमेरिका कोरोना की चौथी लहर का सामना कर रहा है । न्यूयार्क टाइम्स के आंकड़ो के अनुसार पिछले एक हफ्ते अमेरिका में कोरोना के दैनिक नये मामलों की संख्या 1 लाख 18 हजार से अधिक रही और एक दिन में अस्पताल में लगभग 66 हजार नये मरीज भर्ती हुए। जिसके कारण अमेरिका के अधिकांश अस्पतालों में मरीजों की भीड़ है ।

11 अगस्त तक अमेरिका में कोरोना संक्रमितों की संख्या 3 करोड़ 60 लाख से अधिक हो चुकी है और मृतकों की संख्या 6 लाख 10 से ज्यादा है ।दोनों संख्या विश्व में सर्वाधिक है । अमेरिकी राजनीतिज्ञों का निजी राजनीतिक हितों को जनता की जान के ऊपर रखना कोरोना के साथ लड़ाई में अमेरिका की करारी हार का मूल कारण है ।

महामारी की शुरुआत से ही महामारी अमेरिका की दो पार्टियों के मुकाबले का उपकरण बन गया ।दोबारा निर्वाचित होने के लिए तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जानबूझकर संबंधित चेतावनी की उपेक्षा की ।विपक्षी पार्टी ने भी वाद विवाद में पूरी शक्ति लगायी ।इस के बाद महामारी जल्दी से पूरे अमेरिका में फैल गयी।

अमेरिकी बीमारी नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के पूर्व प्रमुख विलियम फोग ने दो टूक कहा कि यह एक कत्लेआम है ।अमेरिकी मैग्जीन द एटलानटिक ने पिछले साल जून में प्रकाशित अंक में कहा कि हम एक पराजित देश में रहते हैं ।

वायरस राजनीति नहीं जानता ।अगर अमेरिकी नेताओं का व्यवहार नहीं बदला ,तो अमेरिका में दुखद नाटक जारी रहेगा ।यह अमेरिका के लिए शर्मनाक है और अमेरिकी जनता का दुर्भाग्य है ।(साभार---चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) 

Live TV

-->

Loading ...