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अमेरिका का हांगकांग संबंधी बयान हास्यास्पद

अमेरिका ने स्थानीय समयानुसार 16 अप्रैल को बयान जारी कर उन अपराधियों को रिहा करने का अनुचित आग्रह किया, जिन्होंने चीन का विरोध किया और हांगकांग में अराजकता फैलायी। 
अमेरिका के इस हास्यास्पद बयान से स्पष्ट रूप से यह जाहिर हुआ है कि ली चिइंग आदि ने विदेशी ताकतों से संपर्क रखकर देश की सुरक्षा को बर्बाद करने का अपराध किया। साथ ही यह भी जाहिर हुआ है कि अमेरिका निरंतर खुले तौर पर अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करता है, और अपनी इच्छा से चीन के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप करता है। अमेरिका के कथन व कार्रवाई ने मुक्ति, लोकतंत्र, शांति व कानून आदि विचार-धाराओं को रौंद दिया। 

अमेरिका द्वारा ली चिइंग, ली जूमिंग व हो ज्वनरेन आदि व्यक्तियों को हांगकांग का लोकतांत्रिक नेता कहा जाता है। लेकिन वास्तव में ये लोग हांगकांग में लोकतंत्र के लिए खतरे हैं। उन लोगों ने तथाकथित शांति समारोह में भाग लिया या अध्यक्षता की। पर सही बात यह है कि उन्होंने हांगकांग में उथल-पुथल बनाकर देश का विभाजन करने की कोशिश की।

इस बार हांगकांग की अदालत ने उन लोगों के मुकदमों की निष्पक्ष सुनवाई की, और उन्हें उचित सज़ा भी दी। इसमें हांगकांग में कानून से शासन करने की भावना दिखती है। वह विस्तृत हांगकांग नागरिकों के आग्रह का एक जवाब भी है। लेकिन अमेरिका ने अन्य देशों के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप कर चीन के हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र की न्यायपूर्ण सुनवाई पर गैर-जिम्मेदार टिप्पणी की। यहां तक कि अपराधियों को रिहा करने का आग्रह भी किया गया। अमेरिका की कार्रवाई ने कानून से शासन करने की कोशिश को रौंद दिया है। ठीक उसी दिन हांगकांग के कानूनी विभाग ने बयान जारी करके कहा कि अमेरिका के आग्रह ने खुले तौर पर अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है।

गत वर्ष चीन ने हांगकांग का राष्ट्रीय सुरक्षा कानून जारी किया, और इस वर्ष हांगकांग की चुनाव प्रणाली में सुधार किया। इन दो महत्वपूर्ण कदमों से हांगकांग की सामाजिक स्थिति स्थिर बनी। विभिन्न जगतों, विभिन्न वर्गों और विभिन्न पक्षों के लाभ सुनिश्चित किये गये हैं। हांगकांग वासियों के मन में यही उच्च स्तरीय स्वशासन है। 
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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