China

विशेष राजदूत जॉन केरी चीन के अधिकारियों के साथ जलवायु परिवर्तन पर करेंगे बातचीत

चीन और अमेरिका के अधिकारी इस सप्ताह दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं द्वारा प्रदूषण को कम करने को लेकर वार्ता करने की योजना बना रहे हैं। दोनों सरकारों के बीच संभावित सहयोग का केवल यह एक मुद्दा है, अन्य मुद्दों पर उनके संबंध तनावपूर्ण हैं।जलवायु संबंधी मामले पर अमेरिका के विशेष राजदूत जॉन केरी चीन के विदेश मंत्रालय के अपने समकक्षों के साथ बुधवार को वार्ताएं शुरू करेंगे। व्यापार, प्रौद्योगिकी और मानवाधिकारों पर विवादों के कारण वांिशगटन और बींिजग के बीच संबंध तनावपूर्ण हैं, लेकिन दोनों पक्षों ने संभावित सहयोग के लिए एक क्षेत्र के रूप में जलवायु संकट की पहचान की है।

दुनिया का सबसे बड़ा कोयला उपयोगकर्ता, चीन अपनी लगभग 60 प्रतिशत बिजली कोयले से प्राप्त करता है और दुनिया में ग्रीनहाउस गैसों का सबसे बड़ा स्रोत है। उसकी योजना कोयले से चलने वाले अधिक बिजली संयंत्र बनाने की है, लेकिन साथ ही जीवाश्म ईंधन के उपयोग को व्यापक रूप से कम करने की योजना पर भी वह कायम है।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने 2030 तक अमेरिकी ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 52 प्रतिशत तक की कटौती करने के लक्ष्य की घोषणा की है, जो 2015 के पेरिस जलवायु समझौते में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा निर्धारित लक्ष्य से दोगुना। 2030 का यह लक्ष्य अमेरिका को जलवायु महत्वाकांक्षा के मामले में शीर्ष देशों में शामिल कर देता है। 

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