Ayodhya, Ram mandir, keshav prasad maurya

अयोध्या: राम मंदिर निर्माण में घोटाले का आरोप, डिप्टी CM बोले- आरोप सही हुए तो दोषियों पर होगी कार्रवाई

लखनऊ: अयोध्या में राम मंदिर की जमीन खरीद में घोटाले के आरोपों पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। 2 करोड़ की जमीन को 18.5 करोड़ में खरीदने को लेकर विपक्षी अब सरकार पर निशाना साध रहे हैं। ऐसे में प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इन आरोपों के बाद तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि अगर आरोप साबित हो जाते हैं तो दोषियों पर कार्रवाई होगी।

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अगर किसी ने गड़बड़ की होगी, ट्रस्ट उसकी जांच करेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। केशव प्रसाद ने साफ तौर पर कहा कि जांच जरूर होगी। उन्होंने कहा है कि, "हमें उन लोगों से सलाह की जरूरत नहीं जिनके हाथ राम भक्तों के खून से सने हैं। मंदिर का ट्रस्ट मामले की जांच कर रहा है। अगर कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।"

चंपत राय ने दी सफाई 
श्रीराम जन्म तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि जो राजनीतिक लोग इस मामले में प्रचार कर रहे हैं, वह भ्रामक है और राजनीति से प्रेरित है। चंपत राय ने कहा कि श्री राम मंदिर का परकोटा और रिटेनिंग वॉल को वास्तु के अनुसार दुरुस्त करने के लिए, मंदिर के पूर्व और पश्चिम में आवागमन को दुरुस्त बनाने के लिए आसपास के मकान और जमीनों को खरीदा जा रहा है। जिनसे खरीदा जा रहा है उन्हें पुनर्वास के लिए कहीं अन्यत्र जमीन भी दी जाएगी जिसके लिए जमीनों की खरीदारी ट्रस्ट कर रहा है।

क्रय और विक्रय का कार्य आपसी सहमति और संवाद के आधार पर हो रहा है। सभी प्रकार की कोर्ट फीस व स्टांप पेपर की खरीदारी ऑनलाइन की जाती है। 9 नवंबर को श्री रामजन्म भूमि के पक्ष में फैसला आने के बाद एकाएक बड़ी संख्या में लोग अयोध्या जमीनों की खरीदारी करने के लिए आने लगे। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या के विकास के लिए बड़ी मात्रा में जमीन खरीद रही है। इसके चलते अयोध्या में जमीनों के दाम अचानक बढ़ गए। जिस भूखंड को लेकर भ्रामक चर्चा चलाई जा रही है। वह रेलवे स्टेशन के पास स्थित है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अब तक जितनी भूमि क्रय की है वह खुले बाजार मूल्य से बहुत ही कम पर खरीदी है।

 

Live TV

-->

Loading ...